कोरोना मामले में अंबेडकरनगर की स्थिति सामान्य लेकिन अन्य मरीजों के लिए बढ़ी मुश्किलें

बांकेलाल निषाद

कोरोना से इतर मरीजों की दवा के लिए नहीं है कोई प्रशासनिक व्यवस्था बड़ी संख्या में मरीजों की हो सकती है मौत

अंबेडकरनगर जनपद -में जहां एक तरफ कोरो ना पॉजिटिव अभी तक कोई मरीज नहीं पाए गए हैं तो वहीं दूसरी तरफ कोरोना से इतर बीमारियों के लिए मरीजों के लिए बुरी खबर है ।जनपद अंबेडकरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अशोक कुमार ने बताया कि जनपद अंबेडकरनगर से अभी हाल ही में 35 कोरोना सैंपल भेजे गए थे जिसमें 31 रिपोर्ट नेगेटिव आई है और पुनः 9 अप्रैल को 25 सैंपल भेजे गए हैं जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है ।उन्होंने बताया कि जिला जिला अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में कोरोना से निपटने के लिए पीपीई किट ,थर्मामीटर एवं एन 95 मस्क व अन्य मेडिसिन उपलब्ध है। जनपद अंबेडकरनगर में मेरठ जमात के लोग हैं जिनको जांच उपरांत सभी लोग नेगेटिव पाए गए हैं। कंबाइन मशीन के लिए बाहर से आ रहे मजदूरों ड्राइवरों के बारे में उन्होंने बताएं की सभी की जांच होगी जांचोपरांत ही उनको क्षेत्र में भेजा जाएगा अन्यथा वापस कर दिया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि लाक डाउन का सख्ती से पालन कराया जा रहा है और जनपद पूरे अन्य 40 जनपदों में ऐसा जनपद है जहां एक भी कोरोना पाजिटिव अभी नहीं मिला है । लेकिन जहां कोरोना के मामले में जनपद में अच्छी खबर है तो वहीं पर जनपद में हार्ट, एच आई वी, कैंसर ,लीवर जैसे गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए व बाहर से उनकी दवा मंगाने के लिए कोई प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है। कहने को तो जिला प्रशासन जनपद में दो मेडिकल की दुकानों को दुर्गा मेडिकल स्टोर एवं मोरिया मेडिकल स्टोर को गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए बाहर से दवा मंगाने के लिए ऑथराइज किया है। कानपुर, मुंबई ,लखनऊ आदि जैसे जगह से ऐसे मरीजों के लिए बाहर से दवा मंगाने के लिए जिला प्रशासन ड्रग इंस्पेक्टर अनीता की नियुक्ति किया है लेकिन मरीज इन मेडिकल स्टोर पर जा रहे हैं और जो दवा नहीं मिल रही है उसके लिए मेडिकल स्टोर वाले सीधे मना कर दे रहे हैं कि हम बाहर से दवा नहीं मांगा पाएंगे। सीएमओ से पूछने पर उन्होंने बताया कि जब 40 -50 पेशेंट हो जाएंगे तो उनकी दवा मेडिकल स्टोर वाले मंगा देंगे। आखिर जब तक मरीज 40 -50 पेशेंट इकट्ठा करेगा तब तक वह दवा के अभाव में खुद ही प्राण त्याग देगा। सीएमओ इन्ही मेडिकल स्टोर वालों के सुर में सुर मिला कर जवाब दे रहे हैं इन मरीजों के लिए जिला प्रशासन शाहे बे खबर है। जिला प्रशासन को चाहिए कि ऐसे गंभीर मरीजों के लिए बाहर से दवा लाने के लिए पास दे अन्यथा कोरोना से तो जनपद में मरीज नहीं मरेंगे लेकिन हर्ट, लीवर, कैंसर आदि बीमारी से दवा के अभाव में हजारों की संख्या में मर जाएंगे।

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