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बाराबंकी पुलिस द्वारा बड़ा खुलासा धोखाधड़ी कर वाहनों को बेचने वाले 03 शातिर अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार

बाराबंकी – पुलिस अधीक्षक बाराबंकी डॉ0 अरविन्द चतुर्वेदी द्वारा समस्त प्रभारी निरीक्षकों को जनपद में धोखाधड़ी करके कम्पनियों द्वारा जनता को नुकसान पहुंचाने के सम्बन्ध में अभिसूचना एकत्र कर कार्यवाही के निर्देश दिये गये थे। ऐसी कम्पनियां लुभावने प्रस्ताव देकर अनजान व्यक्तियों को फंसाकर उन्हे आर्थिक नुकसान पहुंचा देती हैं। जिसके क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी श्री अशोक कुमार के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी सदर श्री राजेश कुमार यादव के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक श्री अमरेश सिंह बघेल के नेतृत्व में अति0 प्र0नि0 श्री धनन्जय सिंह मय हमराही पुलिस बल व स्वाट की संयुक्त टीम ने एकत्र की गयी अभिसूचना को विकसित किया। दिनांक 06/04/2020 को थाना मोहम्मदपुरखाला में 77 मोटर साइकिलों के साथ गिरफ्तार अभियुक्तों की पूछताछ और डिजिटल डेटा की मदद से जानकारी मिली कि जैदपुर और कोतवाली के कुछ लोग एक संगठित गिरोह बनाकर स्थानीय निवासियों के साथ बड़े स्तर पर ठगी कर रहे हैं। इनके मोडस आपरेंडी में किसी व्यक्ति/ग्राहक द्वारा दो पहिया/चार पहिया वाहन खरीदते समय वाहन एंजेन्सी पर लोन प्राप्त करने के लिए बैक प्रतिनिधि को अपना पहचान पत्र, निवासी प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र दिया जाता है। इनके विधिक परिशीलन के बाद लोन स्वीकृत हो जाता है और ऐसा ग्राहक EMI का भुगतान करना शुरू कर देता है, उसके बाद ऐसे गैंग द्वारा कूटरचना करके अन्य व्यक्ति का फोटो लगाकर उसी विवरण पर अन्य गाड़ी भी फाइनेन्स करा ली जाती हैं। ऐसी गाड़ियों को सामान्य ग्रामीण ग्राहकों को उनके वास्तविक/निर्धारित मूल्य से कुछ कम दाम पर यह कहकर बेच दिया जाता है कि वाहन आर्मी कैन्टीन से निकाली गयी है, इसलिए सस्ती और अन्य व्यक्ति के नाम से है। उक्त वाहन एक साल बाद धारक के नाम स्थानान्तरित हो जायेगी । उधर फाइनेन्स कम्पनी जब प्रपत्रों के अनुसार उल्लेखित पते पर जाती है तो वह व्यक्ति एक मोटरसाइकिल को खरीदना तो बताता है परन्तु अन्य खरीदी मोटरसाइकिल के बारे में अनभिज्ञता जाहिर करता है । इस गिरोह द्वारा कतिपय एजेंसी, बैंक, इन्श्योरेंस कम्पनी के कर्मियों को मिलाकर यह गोरख धंधा किया जा रहा है, जिसका बाराबंकी पुलिस द्वारा भंडाफोड़ किया गया। इस विकसित सूचना पर डिजिटल डेटा की मदद से थाना जैदपुर व स्वाट की संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए दिनांक 15.04.2020 को हरख चौराहे पर 03 संदिग्ध व्यक्तियों को रोक कर हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गये व्यक्तियों से फर्जी तरीके से बेची गयी मोटरसाइकिलों व कारों के बारे में पूछा गया तो गाड़ियां कई स्थानों पर होना बताया गया । अभियुक्तगण 1. मो0 सहीम पुत्र मो0 मुईन निवासी पीरबटावन थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी, 2. फिरोज उर्फ शानू पुत्र शरीफुल हसन निवासी मचौची थाना जैदपुर जनपद बाराबंकी, 3. सुहेल अहमद पुत्र मो0 शब्बीर निवासी नबीगंज थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी को समय 12.40 बजे गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तगण को साथ लेकर उनके कब्जे से बेची गयी गड़ियों को उनकी निशादेही पर 182 अदद दो पहिया वाहन (मोटरसाइकिल व स्कूटी) 1. 96 अदद सुपर स्पेलेण्डर/सुपर, 2. 38 अदद स्कूटी, 3. 18 अदद अपाचे, 4. 10 अदद हीरो एच.एफ. डीलक्स, 5. 06 अदद स्पेलेण्डर प्लस, 6. 04 अदद बुलेट, 7. 02 अदद पल्सर, 8. 02 अदद यमहा R15, 9. 01 अदद पैशन प्रो, 10. 01 अदद ग्लैमर, 11. 01 अदद होण्डा लीवो, 12. 01 अदद होण्डा साइन-, 13. 01 अदद प्लेटिना, 14. 01 अदद केटीएम, व 09 अदद कार 01. 02 अदद कार Celerio, 02. 02 कार ओमिनी, 2. 01 अदद बोलेरो पिकप, 3. 01 अदद टेरोनो, 4. 01 अदद हैरियर कार, 5. 01 अदद स्विफ्ट डिजायर, 6. 01 अदद टाटा जस्ट कुल 191 दो पहिया/चार पहिया वाहनों को बरामद किया गया। अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना जैदपुर पर मु0अ0सं0 93/2020 धारा 41/411/414/406/419/420/467/468/471/34 भा0द0वि0 पंजीकृत किया गया 

विशेषः-
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तगणों ने बताया कि हमारा एक गैंग है, जिसका मुखिया लखनऊ निवासी रवि मसीह है। हम लोग एच.डी.एफ.सी. बैंक लखनऊ में फर्जी कागजात फर्जी आई.डी. फोटो लगाकर लखनऊ स्थित पी-5 शोरूम मोटर्स उतरेठिया, सन मोटर्स चिनहट, स्कूटी हाण्डा शोरूम कामता, बुलेट श्रेया आटो मोबाइल तेली बाग सुनील आटो एजेन्सियों से फर्जी आधार कार्ड लगाकर दूसरे की फोटो व पता लगाकर तथा एजेन्सियों का कागजात देकर इनवाइस पेपर तैयार कर एजेन्सियों से गाड़ी फाइनेन्स करवाते थे तथा आर.टी.ओ. कार्यालय लखनऊ में उपरोक्त फर्जी नाम पर रजिस्ट्रेशन करवाकर कम दाम पर बाराबंकी जनपद में विभिन्न स्थानों पर ग्राहकों को बेच देते थे। फर्जी तरीके से गाड़ियां फाइनेन्स करवाकर ग्राहकों को कम दामों पर अपने आर्थिक लाभ के लिए गाडियां बेचते हैं तथा बैंक से कराये गये फाइनेंस की किस्त अदा नहीं करते हैं।

रिपोर्ट आशीष कुमार

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