बुजुर्ग बहादुर गोताखोर को सलाम कोरोनावायरस से बेफिक्र होकर बचा रहे दूसरों की जान

ए अहमद सौदागर

चिनहट पुलिस की मेहनत ख़ोज निकलवाया युवक का शव
जान जोखिम में डालकर बीच नदी में फंसे युवक की लाश को निकाला

लखनऊ- कोरोनावायरस महामारी को लेकर, जहां राजधानी लखनऊ में लॉकडाउन के चलते यहां लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर नहीं निकलते।
वहीं गोताखोर दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान पर खेल रहे हैं।
पांच दिन पूर्व बाराबंकी जिले के कटरा बदोसराय निवासी 16 वर्षीय प्रशांत नहाते समय चिनहट थाना क्षेत्र स्थित खारजा नहर में डूब गया था।
इसके बाद इंस्पेक्टर चिनहट क्षीतिज कुमार की टीम स्थानीय गोताखोरों एवं एनडीआरएफ टीम के साथ उसकी तलाश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली थी।
पांचवें दिन डूबे हुए युवक का पता लगाने के लिए चौकी प्रभारी हज़रत अली की अगुवाई में एसआई जय प्रकाश यादव, एसआई राजेश सिंह, उदय चंद वह महिला कांस्टेबल पूजा यादव खाले देवरिया गांव निवासी गोताखोर 70 वर्षीय बदलू को लेकर चिनहट से लेकर बाराबंकी के असंद्रा तक गये।
बताया गया कि इतनी दूरी में बहादुर गोताखोर बदलू ने इंदिरा नहर में बीसो बार डुबकियां लगाने के बाद बाराबंकी जिले के टीकाराम बेहटा गांव के पास स्थित बीच नदी में युवक का शव मिला। तब जाकर दूर का सफर करने वाले पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली।
देखा जाए तो पुलिसकर्मियों एवं गोताखोर बदलू को खुद में कोरोना संक्रमित होने की चिंता थी और ना ही बीमार होने का बस जुनून था डूबे हुए युवक का पता लगाना, बदलू के सामने किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं थी, लेकिन युवक के शव को खोज निकाला।
तेज बहाव नदी में कई बार छलांग लगाकर युवक की लाश खोज निकालने वाले बुजुर्ग गोताखोर बदलू से सवाल किया गया तो उन्होंने बेबाक धोकर बताया कि उनके लिए यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी इतनी उम्र के बीच करीब डेढ़ सौ शव नदी और इंदिरा नहर में थे निकाल चुके हैं, जबकि सैकड़ों लोगों की जान भी बचा चुके हैं।
खुद की जान जोखिम में डालने वाले गोताखोर बदलू की बहादुरी को देखते हुए कई साल पूर्व जिला अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।
हालांकि उनके माथे की लकीर सब बयां कर रही थी की अधिकारियों ने भले ही उन्हें प्रश्न चिन्ह देकर सम्मानित किया, लेकिन और कुछ उन्हें हाथ नहीं लग सका लिहाजा इसके बावजूद भी वे बुढ़ापे के दौर में भी अपनी जान जोखिम में डालकर नदियों एवं नहरों में दूसरों की जान बचाने के लिए छलांग लगाना बंद नहीं किया है।
वही बदलू की बहादुरी पर चिनहट इंस्पेक्टर क्षीतिज की टीम और गोताखोर बदलू की बहादुरी को देख स्थानीय लोग खूब सराहा। वही मृतक के परिजन भी ग़म के बावजूद पुलिस और गोताखोर की मेहनत पर बड़ाई की।

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