महाराष्ट्र बैंककर्मी की रिपोर्ट निगेटिव प्रशासन ने ली राहत की सांस

अंबेडकरनगर ब्यूरो -बांकेलाल निषाद

ग्राम प्रधान की लापरवाही से उसरहां रिपोर्ट पर प्रशासन की अटकी सांसे

जनपद अंबेडकरनगर -के जलालपुर कस्बे में बैंक ऑफ महाराष्ट्रकर्मी संजय राय को कुछ दिन पहले चोट लगी थी जिसको देखने उसके रिश्तेदार सुल्तानपुर से आए थे। रिश्तेदार जैसे ही सुल्तानपुर वापस गया तो वह कोरोना पाजिटिव पाया गया। जब उसने बैंक कर्मी संजय राय से वार्ता की कि उसे कोरोना हो गया है तो तत्काल बैंक कर्मी संजय राय को जिला अस्पताल में क्वारेंटाइन कर उनका सैंपल भेजा गया। आज देर रात सैंपल आया तो उसमें पाया गया कि बैंक कर्मी की रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव है। इस रिपोर्ट से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। जलालपुर और जनपद के आम जनमानस भी इस रिपोर्ट से राहत की सांस ली है । और वहीं पर उसरहां ग्राम पंचायत में रवींद्र कुमार पुत्र रामकुमार के लड़के को जो दिल्ली से आया है जिसकी क्वॉरेंटाइन व्यवस्था ग्राम प्रधान द्वारा नहीं की गई थी उसको गले में और सीने में काफी तकलीफ है। सांस लेने में उसे बहुत परेशानी हो रही है। तत्काल उसने मेडिकल स्टाफ को सूचना दी। सूचना पर मेडिकल स्टाफ उसको पीजीआई क्वॉरेंटाइन कर उसका सैंपल भेजा । ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान बाहर से आने वाले लोगों के लिए विद्यालय पर कोई क्वारेंटाइन व्यवस्था नहीं किया था। जिसकी वजह से डायरेक्ट रविंद्र कुमार अपने घर पर ही पहुंच गया । वहां जब उसे सांस और फेफड़े में तकलीफ हुई तो उसे मेडिकल स्टाफ पीजीआई क्वॉरेंटाइन कराया। जलालपुर और जिला प्रशासन को बैंक ऑफ महाराष्ट्र कर्मी संजय राय से राहत तो मिल गई है लेकिन अब फिर उसरहा के इस मरीज की रिपोर्ट आने तक प्रशासन की सांस अटकी हुई है । ग्रामीण बताते हैं कि रविंद्र कुमार के साथ कम से कम 20 -25 लोग बाहर से आए थे ।लेकिन ग्राम प्रधान द्वारा विद्यालय पर इनके क्वॉरेंटाइन की व्यवस्था नहीं किया गया था। जिसकी वजह से उसकी हालत गंभीर हो गई । जिला अधिकारी राकेश कुमार मिश्र के बार-बार ग्राम प्रधान के माध्यम से विद्यालय पर क्वारेंटीन की व्यवस्था के लिए सख्ती बरती जाने के लिए कहा गया था लेकिन ग्राम प्रधान की निष्क्रियता से एक बार फिर रिपोर्ट आने तक आम जनमानस स्तब्ध है । हालांकि रिपोर्ट आने तक जलालपुर और जिला प्रशासन की सांसे फिर अटक गई है।

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