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बिजली और सिंचाई बिल सहित किसानों का संपूर्ण कर्ज हो माफ:भाकियू

बाराबंकी।भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग की है कि किसानों की बिजली,सिंचाई बिल सहित संपूर्ण कर्ज माफ़ किया जाए और साथ ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए।जिससे प्रदेश के किसानों की हालत में सुधार आ सके। भाकियू नेता कमलेश यादव ने मुख्य मंत्री को लिखे अपने पत्र में बताया कि बेमौसम बरसात से प्रदेश के किसानों की फसल बर्बाद हो गयी है जिसके कारण किसान आत्महत्या करने की कगार पर आ खड़ा है।पहले भी बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि से परेशान किसान हरी सब्जी व फूल की खेती करके जीवन यापन करना चाह रहा था तभी कोरोना जैसी गंभीर महामारी आ गयी।कोरोना के चलते लॉक डाउन में बची खुची फसल गेहूं सरसों, मटर,आलू की खोदाई और गेंहू कटाई किसान जैसे तैसे किसी तरह से कर रहा था। लेकिन फूल,आम व पान की खेती को इस बेमौसम भारी वर्षा व ओलावृष्टि से बहुत नुकसान हुआ है। देश का अन्नदाता इस समय परेशान है।गेहूं की खरीद आपके द्वारा शुरू करवाई गई जिसमें क्रय केंद्रों पर टोकन की व्यवस्था मांगी जाती है।पर तहसील वा कलेक्ट्रेड में सक्षम अधिकारी न बैठने की वजह से टोकन की व्यवस्था किसान नहीं कर पा रहा जिससे किसान बिचौलियों के हाथ कम दामों पर अपना गेहूं बेचने को मजबूर है। इस समय किसान, मजदूर व प्रवासी गरीब मजदूर जो रोज काम करके अपने बच्चों का पेट भरता था वह सब परेशान है।जीविका का संकट उनके सामने खड़ा है। जो किसान अपनी बहन बेटियों की शादी करने के लिए बड़े-बड़े सपने देख रहें थे कि अपनी गर्मी की फसल जैसे गेहूं,सरसों, आम, फूल व पान की खेती को सुचारू रूप से करेंगे जिससे अच्छा पैसा मिलेगा और किसान अपने घर का बिजली का बिल खेत की सिंचाई जमा करेंगे और अपनी बेटी की अच्छी से शादी करेंगे और अपने नन्हे मुन्ने बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला करवाएंगे,किसानों के सभी अरमान धरे के धरे रह गए। भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन की तरफ से माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से यह मांग है कि किसानों के लिए अच्छे पैकेज की व्यवस्था की जाए। जिससे महंगाई के हिसाब से सीप्लस 2/50 के हिसाब से उचित रेट मिल सके।उर्वरक खाद में सब्सिडी दी जाए, बिजली का बिल और खेत सिंचाई का बिल माफ किया जाए। बीज, खाद व दवा की उचित व्यवस्था की जाए। कृषि यंत्रों पर उचित सब्सिडी दी जाए। एक बार पुनः किसान को संपूर्ण कर्ज मुक्त कर दिया जाए और स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू की जाए जिससे प्रदेश के किसानों के हालात बेहतर हो सके।

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