लॉक डाउन का उलंघन किया तो होगी कड़ी कार्रवाई, संयुक्त पुलिस आयुक्त अब पल-पल की खुद करेंगे निगरानी मातहत नहीं कर सकेंगे मनमानी किया तो होगी कार्रवाई

अखिलेश श्रीवास्तव, ए अहमद सौदागर

लखनऊ। कोरोनावायरस जैसे प्रकोप को लेकर संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था नवीन अरोरा लॉक डाउन तोड़ने वालों पर निगाहें फिलहाल पूरी तरह से टेढ़ी कर ली है।
वे लगातार राजधानी लखनऊ के अलग-अलग थाना क्षेत्रों का भ्रमण कर जायज़ा ले रहे हैं।
यही नहीं निरीक्षण के दौरान शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों के प्रमुख चौराहों पर खुद लॉक डाउन का उलंघन करने वाले लोगों के साथ सख्ती से आने के साथ उन्हें समझाने की कोशिश में लगे हैं, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हें समझाना शायद संयुक्त पुलिस आयुक्त को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वही जानकारों की मानें तो इस महामारी से निपटने और बचने के लिए मातहतों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि अब थानेदार अपनी लापरवाही को दबा नहीं पाएंगे।
क्यों कि वे खुद ही मातहतों की भूमिका पर नजर रखने के लिए मन बना लिया है।
जानकार सूत्र बताते हैं कि लॉक डाउन का नियम किसी ने तोड़ा तो इसकी सूचना अफसरों सीधे पहुंचेगी।
लखनऊ में किसी भी थाना क्षेत्र से मिलने वाली शिकायत अब पुलिस अधिकारियों की निगरानी में रहेंगी।
यह भी बताया जा रहा है कि कोरोनावायरस महामारी से निपटने और उससे जितने के लिए बने विशेष कंट्रोल रूम में बैठे पुलिसकर्मी और अफसर हर शिकायती कॉल की मॉनिटरिंग करेंगे।
एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि शिकायत की कॉल पर हिला-हवाली करने वाले पुलिस कर्मियों पर गाज भी गिर सकती है।
कोरोनावायरस की बढ़ती संख्या को देखते हुए फिलहाल संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीन अरोरा करीब हर रोज किसी न इलाके का दौरा कर लगातार जायजा ले रहे हैं। निरीक्षण के दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीन अरोरा ने बताया कि अब किसी भी सूरत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं।
थानेदार नहीं कर सकेंगे मनमानी किया तो होगी विभागीय कार्रवाई।
,सख्ती बाद भी उड़ रही है लॉक डाउन की धज्जियां,
वहीं लॉक डाउन के बीच खुली शराब की दुकानों एवं शराब पीने वालों की मनमानी जमकर देखी गई और अभी भी नशे के शौकीन देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों पर शराब खरीदने के दौरान खूब लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं।
गहन नजर डालें तो राजधानी लखनऊ में लॉकडाउन के दौरान चाहे मेडिकल कॉलेज, सिविल अस्पताल, लोहिया अस्पताल, बलरामपुर अस्पताल सहित कई सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में मरने वालों की संख्या में काफी गिरावट देखी गई, लेकिन जैसे ही मधुशाला की बाजार खुली तो करीब दर्जनों लोगों की मौत और गंभीर घायल होने का मामला सामने आया।
इससे यही साबित हो रहा कि कहीं न कहीं लॉक डाउन के बीच शराब की दुकान खुलना खतरनाक साबित हो रहा है ॽ
हालांकि जनहित के तौर पर देखा जाए एक ओर जहां लोग महामारी के दौरान कई ऐसे परिवार के पास फूटी कौड़ी नहीं, क्यों कि जगह-जगह वितरण हो रहे भोजन पाने के लिए महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्ग घंटों तक कतार लगाए नजर आ रहे हैं और अभी भी लाईन में खड़े होने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
यह बात पूरी तरह साबित करती है कि शराब ही घरेलू कलह की असल वजह है ॽ
फिलहाल लॉक डाउन की धज्जियां और शराब पीकर सड़क एवं घरों में नंगा नाच करने वालों पर नकेल कसने के लिए संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था नवीन अरोरा ने अहम अभियान छेड़ दिया है। वे लगातार क्षेत्र का जायजा लेते हुए शराबियों एवं लॉक डाउन का उलंघन करने वाले लोगों पर कड़ी निगरानी तेज़ कर दी है।

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