विश्व का रोना/करोना नाश्त्रेदमश के भारत के विश्व गुरु बनने का सच तो नहीं

अजय कुमार तिवारी

वैश्विक महामारी- कोरोना ने पूरे विश्व को रुला दिया ।अपने देश की बात करे तो मोदी सरकार न इसको निगल पा रही है और न ही उगल पा रही हैं । कोरोना से बचने के लिए मोदी सरकार ने लाक डाउन का नियम लाया था। लेकिन दो महीने की इस लाक डाउन के बाद मोदी का सारा खजाना खाली हो गया। हार मानकर इस सरकार ने मजबूर होकर लाक डाउन नियम में परिवर्तन किया । खजाने को भरने के लिए कई राज्यो में प्रतिबंधित शराब को बेचने का आदेश देना पड़ा। सरकार के पास इतना पैसा नहीं है कि वो लाखो मजदूरों को बैठा कर खाना दे सके । अतः सरकार ने घबडाकर तुरंत ही प्रवासी मजदूरों और प्रवासी विदेशियो को लाने का नियम पारित किया और ट्रेन बस हवाई जहाज के माध्यम से प्रवासी लोगो को उनके जनपद में ला रहे है। अब ये समझ में नहीं आ रहा है कि सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए जो दो महीने का लाक डाउन किया था। उसका इस सरकार को प्रतिफल क्या मिला। सारा लाक डाउन का इस सरकार को कोई लाभ नहीं मिला । बल्कि दो महीने का लाक डाउन की प्रक्रिया ध्वस्त दिखाई दे रही है। लेकिन मजबूर सरकार न ही इसको निगल पा रही है और न ही इसको उगल पा रही है। अंत में हार मानकर सरकार को ये फैसला लेना पड़ा । प्रवासी सारे मजदूरों को और विदेशियों को उनके गृह जनपद लाया गया। उधर दूसरी तरफ सरकार ने देश की सारी फैक्ट्रियों को चालू करने का फैसला लिया । जिससे अर्थ ब्यवस्था में मजबूती आये और अर्थ व्यवस्था संभाली जा सके । लेकिन प्रवासी मजदूरों को घर का रास्ता दिखा कर फैक्ट्री मालिकों और उद्योग पतियों को और कमजोर कर दिया। जिससे साफ लग रहा है कि मोदी सरकार इस आपात काल में अपना मानसिक संतुलन खो रही है ।उल्टे सीधे फैसले ले रही है। क्यों की न मिल बिना मजदूर चल सकती हो न मजदूर के बिना मिल ।इस सरकार ने करोड़ों रुपए की टेस्ट किट खरीदी ।लेकिन वो भी भारत में फेल हो गई । अब बस इतना कह लीजिए कि हम हिन्दुस्तानियों की शारीरिक शक्ति इतनी मजबूत है कि मृत्यु दर तीन से चार पर्सेंट है । और इस कोरोना महामारी से ठीक होने की शक्ति हम हिन्दुस्तानियों ने पच्चीस से तीस पर्सेंट मानी जा रही है। हमारी शारीरिक शक्ति ही इस वैश्विक महामारी कोरोना से हमें निजात दिला सकती हैं। इसमें किसी मोदी सरकार का योग दान
नहीं होगा ।अगर होगा तो हमारे पूर्वजों द्वारा पूजे गए राम रहीम का योग दान होगा । लेकिन आखिरी मैं ये कहना चाहता हूं कि पिछले दस सालों में देखा गया कि गोधरा से दिल्ली तक का सफ़र में मोदी के पक्ष में भाग्य विधाता अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल किया है। अगर इसी तरह चाइना के विरोध में संसार के ईसाई और यहूदी नाराज हो गए और उन्होंने चाइना के जगह अपना व्यापारिक केंद्र भारत चुन लिया तो दुनिया की कोई ताकत भारत को विश्व गुरु बनने से नहीं रोक सकती। अब ये देखना कि चीन की विश्व गुरु बनने की चाहत अपने तरकश से कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का तीर उसको विश्व बाज़ार से खत्म कर देगी । और भारत को नया विश्व गुरु बनने का रास्ता खोलेगी । ये तो भविष्य के गर्भ में है। कहीं ऐसा न हो नास्त्रेदमस के भविष्य बाणी का समय आ गया हो ।भारत विश्व गुरु बनकर इस कोरोना महामारी में उभरेगा । और प्रधानमंत्री मोदी का नाम विश्व में स्वर्णाच्छरो से लिखा जाएगा ।

Back to top button