चेहरों पर बदहवासी और कोरोनावायरस की दहशत 49 दिन से सिलसिलेवार हड़कंप डॉक्टर, नर्स व पुलिस महकमा ने दिखाया जज्बा

ए अहमद सौदागर

लखनऊ। कोरोनावायरस की बढ़ती खतरनाक बीमारी ने मानों पूरे देश और प्रदेश को हिलाकर रख दिया है।
इससे बचने और जितने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील करते हुए कहा था कि उसकी कीटाणु की कोई दवा नहीं बन सकी है लिहाजा बचाव एक रास्ता की बाजारों एवं घरों के भीतर भीड़ न लगाएं और एक दूसरे से दुरियां बनाना ही इससे निजात मिलने का ही असल रास्ता है।

चेहरों पर बदहवासी और कोरोनावायरस की दहशत
49 दिन से सिलसिलेवार हड़कंप
डॉक्टर, नर्स व पुलिस महकमा ने दिखाया जज्बा
इस बढ़ते संक्रमण को लेकर राज्य की सरकार जगह जगह एक दूसरे से दुरियां बनाने के लिए कई निजी स्कूलों एवं कालेजों मे कोरोटाइन की व्यवस्था भी की, लेकिन इसके बावजूद भी लोग एक से दूसरे स्थान यानी अपने अपने घरों को जाने के भागमभाग की रफ्तार बढ़ाने में जुटे हुए हैं।
हालांकि हर किसी को मालूम भी है कि वायरस बोलकर नहीं आता, बल्कि हवा के जरिए एक दूसरे को अपनी चपेट लेकर जान के खतरा बन जाता है।
वहीं खाड़ी देशों में जिस तरह से सिलसिलेवार मौतें हुई, इससे मरने वालों के परिवारीजनो के चेहरे खौफ का मंजर साफ झलक रहा था।
कुछ लोगों से इस बाबत सवाल किया गया वे बेबाक बोल पड़े कि खाड़ीवासियो की चीख-पुकार सुन-सुन कर बर्दाश्त न होने पर टेलीविजन को ही बंद करना पड़ा।
वहीं देश व प्रदेशों के अस्पतालों में तैनात डॉक्टरो एवं जगह जगह बैरिकेडिंग पर तैनात पुलिसकर्मियों की हिम्मत देख आज भी सभी लोगों की जुबान पर एक ही चर्चा होती फिर रही है कि यह एक इन्सान है जो दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बगैर डटकर कोरोनावायरस जैसी महामारी को हराने के लिए जुटे हुए हैं। इसके बावजूद भी कुछ ऐसे लोग हैं जो इसे मजाक समझकर बिना एहतियात बरतें फिलहाल मनमानी करने में जुटे हुए हैं
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हंसती खेलती जिन्दगी के बीच कोरोनावायरस कहर ने तहजीब के शहर में पसारे पांव
सनद रहे कि 49 दिन पहले राजधानी लखनऊ में सायरन बजती गाड़ियां और बाजारों में भीड़भाड़ की चहल-पहल का माहौल था तब गीदड़ चीन अपने नापाक इरादों की जहरीली कंपनी में लोगों की जान लेने के लिए ज़हरीला वायरस शायद तैयार कर रहा था ॽ
चमगादड़ का सूप की बिक्री करने वाले तानाशाह हुक्मरान नापाक मंसूबा के काले कारनामे की छाया यूपी सहित पूरे देश के कुछ ऐसे राज्यों में पड़ी कि रात का समय लोगों के लिए दिन के बराबर कर दिया।
चहलकदमी की जिंदगी के बीच देखते ही देखते कोरोनावायरस ने करीब पूरे देश व प्रदेश में अपने पैर पसार दिए। फिर मचता गया और लोगों के भीतर दहशत की बयार बढ़ती गई।
इस कहर की जानकारी मिलते ही लोगों अपने अपने घरों से बाहर निकलना और खाने पीने का सामान लेना भी चुनौती बन गया।
नतीजतन आज पूरे देश व प्रदेशों की सड़कों पर अपने अपने घरों को जाने का रेला उमड़ पड़ा और अभी भी दूर दूर से आने जाने वालों का सड़कों पर सिलसिला बदस्तूर जारी है।
खास बात यह कि इस दौरान कईयों की भूख, थकान और लड़खड़ाते कदमों के बीच हमेशा के लिए दुनिया से जुदा हो गए, जो वे अपने अपने परिवार को हमेशा के लिए दर्दनाक टीस देकर चले गए ‌

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