राजस्व कर्मी की मिलीभगत से दलमा तालाब पर भू माफियाओं का कब्जा

बांकेलाल निषाद

जनपद अंबेडकरनगर -के टांडा तहसील अंतर्गत दलमा तालाब पर भू माफियाओं के अवैध कब्जे का बड़ा खेल चल रहा है । 40 लाख राजस्व बकाये के बावजूद भी मत्स्य आखेट का कार्य किया जा रहा है और राजस्व कर्मी सो रहे हैं। कानून का किसी को डर भय नहीं है। पूरा प्रकरण यह है कि मत्स्य जीवी सहकारी समिति लिमिटेड मसढ़ा मोहनपुर के नाम दलमा तालाब का ग्राम सभा भिदूड़ गाटा संख्या 495 A,537 मि० क्षेत्रफल 168 बीघा उक्त समिति के नाम 10 वर्ष पूर्व मत्स्य कार्य के लिए आवंटन किया गया था। जिसकी वार्षिक लगान लगभग ₹4 लाख प्रति वर्ष के रेट से निर्धारित की गई थी। इस प्रकार 10 वर्ष का कुल 40 लाख बकाया हुआ । उक्त दलमा तालाब पर लगभग ₹40 लाख बकाये में चल रहा है। उक्त तालाब को तथाकथित समिति के नाम लेकर भूमाफिया चला रहे हैं । आज तक कोई भी राजस्व जमा नहीं किया गया है ।तालाब के पट्टे की अवधि अवशेष होने जा रही है। जनहित में उक्त तालाब का मत्स्य आखेट रुकवा कर बकाया धनराशि (राजस्व लगान) जनहित में जमा कराया जाना अति आवश्यक है। लेकिन राजस्व कर्मी टांडा सो रहे हैं और 40 लाख बकाये के बावजूद भी भूमाफिया मत्स्य आखेट कर रहे हैं। प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। 40 लाख बकाए के बावजूद भी भू माफियाओं द्वारा तालाब पर मत्स्य आखेट टांडा प्रशासन की नियत पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है । इस तालाब से प्रतिदिन भू माफियाओं द्वारा लाखों की मत्स्य आखेट किया जा रहा है और तालाब का दोहन किया जा रहा है। राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से भू माफियाओं द्वारा इतने बड़े बकाए के बावजूद भी सरकार को चूना लगाया जा रहा है।

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