पुलिस प्रशासन बना हैवान जनप्रतिनिधि है हैरान

अजय कुमार तिवारी

अंबेडकरनगर -नीले और हरे झंडे की प्रशासनिक नीतियों से परेशान जनता ने भगवा को विकल्प चुना और उससे ज्यादा जनता तब प्रशन्न हुई जब गोरखनाथ मंदिर के महंत को सूबे का मुखिया बना दिया गया। पूरी जनता को लगा कि सूबे में पूरी तरह से न्याय होगा भ्रष्टाचार खत्म होगा और योगी मोदी की सरकार में पुनः रामराज्य वापस आएगा। लेकिन हुआ उसका उल्टा भ्रष्टाचार खत्म होने की जगह अपनी चरम सीमा पार कर गया और तहसील तथा थानों पर न्याय का सौदा होने लगा। तहसील और थाने अवैध कामो का केंद्र बन गए। सारे सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार की जड़े गहरी हो गयी । आम जनता हैरान व परेशान है। रामराज्य की कल्पना करने वाले रावण राज्य को पुनः देख रहे हैं। प्रशासनिक जानकारी के आभाव में पूरी योगी सरकार अधिकारियों पर आश्रित हो गयी है। भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों को पूरी तरह शून्य बना दिया गया है। नीले और हरे झंडे के जमाने के इन बिगड़ैल अधिकारियों को बिना सीबीआइ जांच के ही सूबे के कमान सौंप दी गयी है।ये अधिकारी पूरी तरह से मनमानी पर उतारू है। इसका सीधा उदाहरण बसखारी थाने में मिला सब्र टूट जाने के बाद भाजपा विधायिका को एक थानेदार के खिलाफ अपनी ही सरकार में थाने का घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ा । इसके पहले जिले के एक दलित विधायिका द्वारा एक अधिकारी को हटाने के लिए सूबे के मुखिया को चिट्ठी लिखनी पड़ी थी। इससे साफ जाहिर होता है कि जिले में आम जनता का क्या हाल होगा। सूबे के इस जिले अम्बेडकर नगर में सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है। भाजपा कार्यकर्ता आम जनता जनप्रतिनिधि सब हैरान व परेशान है। और न्याय इसी तरह खरीदा और बेचा गया तो जनप्रतिनिधि से लेकर आम जनता तक बगावत कर देगी और जिले की बात तो छोड़िए ये चिंगारी सूबे तक पहुंच सकती हैं। अम्बेडकर नगर में भाजपा पिछले उपचुनाव में भाजपा का तीसरे स्थान पर रहना यह दर्शाता है कि भाजपा से जनता का धीरे धीरे मोह भंग हो रहा है और अगर हालात इसी तरह ही रहा तो अगले चुनाव में भाजपा कहीं शून्य पर न सिमट जाए । याद रखिए कि यदि जनता के साथ न्याय नहीं हुआ और न्याय इसी तरह खरीदा और बेचा गया तो जनता बगावत कर देगी और बगावत का ठीकरा सूबे के मुखिया के सर पर फूटेगा। बिना किसी जांच के इन बिगड़ैल अधिकारियों को सूबे की कमान देना अपने जनप्रतिनिधियों की पावर को शून्य करना कहीं न कही जनता के साथ बेईमानी है।और यही कारण इस सरकार के ताबूत में आखिरी कील ठोकेगा।

Back to top button