एटा : साप्ताहिक बंदी के बाद भी सड़कों पर भीड़ कम नहीं हो रही।

एटा -मंगलवार को शहर के बाजार बंद थे, फिर भी वाहनों का अतिरेक दिखाई दिया। वहीं दूसरी ओर यात्री छूट मिलने के बावजूद भी बहुत कम संख्या में घरों से निकले। बसों का हाल यह था कि 20-25 सवारियां भी उपलब्ध नहीं हो पा रही थीं। ऐसे में परिवहन विभाग को खाली बसें ही चलानी पड़ीं। रोडवेज की कम, अनुबंधित बसें अधिक दिखाई दीं शहर में मंगलवार को साप्ताहिक बंदी रहती है। बंदी के कारण बाजारों में दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले, लेकिन गली-मुहल्लों में दुकानें खुली रहीं। फिर भी सड़कों पर भीड़ में कोई कमी नहीं आई। लोग अपने काम के लिए घरों से खूब निकले, इनमें तमाम ऐसे भी थे जो मास्क नहीं लगाए थे, पुलिस उन्हें सड़कों पर टोक रही थी। इस दौरान इस दौरान गली-कूचों में ठेले वालों ने भी सब्जी पहुंचाई। अनलॉक-1 के साथ लॉकडाउन-5 भी है, इस वजह से गाइड लाइन का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं कस्बाई इलाकों में जहां साप्ताहिक बंदी मंगलवारको नहीं होती, वहां दोपहर 2 बजे तक ही बाजार खुले और लोगों ने खरीदारी की। यह निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय तक ही बाजार खुलेंगे। इधर रोडवेज बसों का संचालन जारी रहा, लेकिन यात्रियों का टोटा वहां साफ दिखाई दे रहा है। बहुत कम संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों में जहां बस स्टैंड पर मारामारी रहती थी वह नजारा फिलहाल दिखाई नहीं देता। आगरा जाने वाली बसों में बमुश्किल 20-25 सवारियां ही दिखाई दे रहीं थीं और एक-एक बस डेढ़ घंटे से भी ज्यादा अंतराल से चल रही थी, जबकि दिल्ली की ओर जाने वाली बसें सिर्फ कौशांबी तक ही पहुंची, इससे आगे उन्हें दाखिल नहीं होने दिया। इसके अलावा बरेली, बदायूं, फर्रुखाबाद, कानपुर की ओर भी कई बसें रवाना की गईं। 20 बसों का बेड़ा बस स्टैंड पर सवारियां ले जाने के लिए तैयार है, इनमें कई अनुबंधित बसें भी हैं।

*ब्यूरो अहिबरन सिंह*

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