आशा का समय भुगतान सुनिश्चित करें संबंधित अधिकारी-जिलाधिकारी

रिपोर्टर रमेश दीक्षित

सीतापुर -दिनांक-04 जून 2020 (सू0वि0) जिलाधिकारी श्री अखिलेश तिवारी की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, होम बेस्ड न्यूबार्न केयर कार्यक्रम, आशा भुगतान, राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, परिवार नियोजन आदि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिये कि आशाओं के लंबित भुगतान को तत्काल कराया जाये। इसमें विलम्ब को गंभीरता से लेते हुये दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। अनियमित रूप से टेण्डर प्रकाशित किये जाने के मामले की जांच कराते हुये डिस्ट्रिक एकाउन्ट मैनेजर एवं अन्य दोषियों के विरूद्ध चेतावनी जारी कर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

बैठक के दौरान सर्वप्रथम जिलाधिकारी द्वारा कोविड 19 संक्रमण को रोकने में स्वास्थ्य विभाग के कार्यो की सहराना की। जिले में स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता, सतर्कता व सहयोग की वजह से जिले में कोरोना की स्थिति कंट्रोल है। हॉटस्पॉट खैराबाद में आशाओं और आँगनवाड़ी द्वारा किये गए सभी घरों के सर्वे व स्क्रीनिंग कार्यो की सहराना की।

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में आशा भुगतान में कम उपलब्धि वाले ब्लॉक सिधौली, गोंदलामऊ, महोली, मछरेहटा, पिसावां के अधीक्षकों को समय से आशा भुगतान करने के निर्देश दिए। इंस्टिट्यूशनल डिलेवरी व महिला नसबंदी की प्रगति पिछले वर्ष वित्तीय 2018-19 की अपेक्षा वर्ष वित्तीय 2019-20 में बढ़ोत्तरी हुई है। जिले में बॉयोमेडिकल वेस्टेज का निस्तारण करने वाली एजेंसी का कार्य संतोषजनक नही है। ऐजेंसी को प्रतिदिन बॉयोमेडिकल वेस्टेज सभी चिकित्सालयांे व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों से उठाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि बाढ़ वाले क्षेत्रों में समय से आवश्यक तैयारी कर ले, चिकित्सा व्यवस्था की तैयारी पहले से ही बनाये रखे। मानसून आने से पहले वेक्टर जनित रोगों से निपटने के लिए सभी ब्लॉकों पर तैयारी कर ली जाए, लोगांे को अभी से ही जागरूक करना शुरू कर दे। वेक्टर जनित रोगों को नियंत्रण करने के लिए ब्लॉक स्तर पर ही टीम बना ली जाए। एडीओ पंचायत अपने सफाईकर्मी द्वारा गावो में सफाई करवाई जाए। लार्वासाइडल का छिड़काव किया जाए। पेयजल वाले हैंडपम्पों में क्लोरीन की टेबलेट डाली जाये। क्षय रोगियों की सभी जांचे व उपचार कोरोना संक्रमण में भी जारी रखे रहने के निर्देश दिए। शासन स्तर से जनपद सीतापुर के जिला चिकित्सालय में आवश्यक उपकरण लगाये जाएगें जिससे टी बी व कोरोना के मरीजों की जांच हो सकती है। इस मशीन से लक्षण व हाई प्रियॉरिटी वाले मरीजों की जांच होगी।

जिलाधिकारी महोदय द्वारा कोविड अस्पताल व नॉन कोविड अस्पताल दोनों में मरीजांे को देखने व उपचार करने हेतु निर्देशित किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फीवर क्लीनिक शुरू करने के निर्देश दिए। सभी अधीक्षिको को निर्देशित किया कि वे अपने चिकित्सालय में बाहरी तरफ एक रूम का चयन कर चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाते हुए फीवर क्लीनिक में बुखार, खाँसी, इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस/सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन आदि के मरीजों की ओपीडी की व्यवस्था करना सुनिश्चित करे। इस रूम/ओपीडी में देखें जाने वाले मरीजांे हेतु दवा वितरण का काउंटर भी इसी रूम में बनाया जाए। रोगियों की देखभाल में लगे चिकित्सक एवम पैरामेडिकल स्टाफ को कोविड 19 से सम्बंधित सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाए तथा नॉन कोविड मरीजो पर भी ध्यान दिया जाए। यथासंभव ऐसे मरीजों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर ही किया जाये। अपरिहार्य एवं आवश्यक परिस्थितियों में ही जिला महिला चिकित्सालय को संदर्भित किया जाए।

बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी संदीप कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 आलोक वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 ए0के0 अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डा0 सुषमा कर्णवाल, वरिष्ठ कोषाधिकारी जान्हवी मोहन, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।

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