असली अनामिका शुक्ला गोंडा में, कोई नौकरी नहीं करनेे का किया दावा, शपथ पत्र देकर लगाया शैक्षिक अभिलेखों के दुरूपयोग का आरोप

चन्द्र प्रकाश तिवारी

सूबे में 25 जिलों में एक साथ नौकरी करने के मामले में सुर्खियों में आई अनामिका और कई नाम वाली युवती के मामले में मंगलवार को यहां बड़ा खुलासा हुआ है। जिसकी डिग्री पर एक दो नहीं बल्कि एक साथ कई लड़कियां नौकरी कर रही हैं। वह अनामिका शुक्ला कोई नौकरी नहीं करती है। बीएसए डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति के समक्ष पेश होकर मंगलवार को असली अनामिका शुक्ला ने पेश होकर इस बात का शपथ पत्र दिया है। उसने कहा कि उसने वर्ष 2017 में नौकरी के लिए आवेदन जरूर किया था मगर उसका बच्चा छोटा होने की वजह से उसने नौकरी ज्वाइन ही नहीं की थी। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद बीएसए ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी है।

बीएसए ने बताया कि अनामिका शुक्ला की ओर से इस आशय का शपथ दिया गया है कि उसके शैक्षिक अभिलेखों को फर्जी ढंग से इस्तेमाल किया गया। उसने शपथ पत्र में लिखा है कि मीडिया में मामला देखा तो मंगलवार को सच्चाई अवगत कराने के लिए यहां आई। बीएसए के सामने पेश हुई महिला ने कहा है कि उसके शैक्षिक अभिलेखों का गलत इस्तेमाल कर इस मामले में पकड़ी गई युवती ने अलग-अलग जगहों पर नौकरी हथियाने का काम किया है। उसने आशंका जताई है कि इसके पीछे एक बड़ा रैकेट हो सकता है।

अच्छा रहा इस अनामिका का एकाडेमिक रिकार्ड : अनामिका ने वर्ष 2007 में हाई स्कूल की परीक्षा कस्तूरबा बालिका इण्टर कॉलेज से पास की थी। जिसमें उसने 80.16 फीसदी अंक मिले थे। इण्टरमीडिएट की परीक्षा उसने वर्ष 2009 में पास बेनी माधव जंग बहादुर इण्टरकॉलेज से किया था जिसमें उसे 78.6 फीसदी अंक अर्जित हुए। स्नातक की परीक्षा उसने रघुकुल महिला विद्यापीठ से 2012 में किया जिसमें उसे 55.61 फीसदी अंक अर्जित हुए। उसने आदर्श कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय जियापुर टांडा अम्बेडकर नगर से वर्ष 2014 में किया। जिसमें उसे 76.5 प्रतिशत अंक मिले। टीईटी की परीक्षा उसने 2015 में दी जिसमें वो 60 फीसदी अंको से पास हुई थी।

गांव वाले देने लगे हैं ताने : अनामिका ने बीएसए को बताया कि उसके एकाडेमिक रिकार्ड के चोरी कर कई जगह नौकरी करने के मामले के प्रकाश में आने के बाद गांव वाले उसे ताने देने लगे थे। इसी के चलते उसे मंगलवार को शपथ पत्र देना पड़ा।
अनामिका के पिता सुभाष चन्द्र शुक्ला रेलवे में नौकरी करते थे। इस वजह से रेलवे कालोनी में बने कस्तूरआ बालिका इण्टर कॉलेज से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। बीएड करने के बाद अनामिका की शादी मुजेहना ब्लॉक के कमड़ावा गांव निवासी दुर्गेश कुमार शुक्ल से हो गई। उसके परिवार में न वह, न पति और न ही ससुर किसी सरकारी सेवा में हैं।

कस्तूरबा स्कूल के लिए आवेदन करना पड़ा भारी : अनामिका ने बताया कि उसने 2017 में साइंस टीचर के लिए सुल्तानपुर, जौनपुर, बस्ती, मिर्जापुर व लखनऊ जिले के लिए आवेदन किया था। बच्चा छोटा होने की वजह से किसी भी जिले के काउंसलिंग में भाग लेने नहीं गई।

डिग्री का बेजा इस्तेमाल करने वालों पर केस दर्ज करने की तहरीर दी : अनामिका ने अपने शैक्षिक अभिलेख का फर्जी दुरुपयोग कर नौकरी हथियाने वालों पर केस चलाए जाने की तहरीर नगर कोतवाली में दी है। कोतवाल ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कर्रवाई की जाएगी।

अनामिका शुक्ला कार्यालय में मंगलवार को पेश हुई है उसने अपने शैक्षिक अभिलेखों का दुरूपयोग किए जाने व खुद अभी तक कोई नौकरी नहीं किए जाने का शपथ पत्र दिया है। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है। – डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

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