अद्वितीय थे कोरोना योद्धा सीएमएस एसपी गौतम कोरोना से संघर्ष करते अलविदा हो गये डाक्टर गौतम

बांकेलाल निषाद

अंबेडकरनगर -सादगी, मेहनतकश अपने कर्तव्य और दायित्व के प्रति 24 घंटे समर्पण के प्रतिमूर्ति सीएमएस संत प्रकाश गौतम आज कोरोना जैसे अदृश्य बीमारी से जंग लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त हो गये। आज अंबेडकरनगर परिवार शोकाकुल है । उनकी भरपाई करना बहुत ही मुश्किल है। आज वे हम से मुख मोड़ लिये हैं, हमको अंधेरे में छोड़ कर चले गये। उनकी यादें उनकी कर्तव्य के प्रति निष्ठावान, दायित्व का सत प्रतिशत निर्वहन याद के रूप में हमारे बीच सदा रहेगी। आज महात्मा ज्योतिबा फुले संयुक्त जिला चिकित्सालय का प्रांगण ,सीएमएस ऑफिस की कुर्सी,और मरीज उनके दोबारा आने का इंतजार कर रही हैं लेकिन आज से उनके इंतजार की घड़ी खत्म हो गयी। जिला अस्पताल से जब भटकते हुए मरीज को कहीं आशा की किरण नहीं मिलती थी तब वो सीएमएस आफिस पहुंचते थे तो उनकी पर्ची को सीएमएस बड़े ही उत्सुकता पूर्वक पढ़कर यथोचित फॉरवर्ड कर संबंधित अधिकारी के पास भेज देते थे और सामने वाले मरीज की समस्या का समाधान हो जाता था वह संतुष्ट होकर आशीर्वाद देते हुए निकल जाता था। जिला अस्पताल का एकमात्र मजबूर गरीबों की आशा की किरण सीएमएस संत प्रकाश गौतम गरीबों के मसीहा थे। वे किसी को नाराज और हताश नहीं होने देते थे ।उनकी कलम उनकी जज्बात में जितनी ताकत थी उतना उस गरीब मजबूर मरीज की मदद में लगा देते थे। मरीजों के प्रति ऐसे वफादार देशभक्त कोरोना योद्धा की भरपाई कर पाना बड़ा मुश्किल है । उन्हें कहीं भी कभी भी पद की गरिमा का अहंकार नहीं था । जहां वे अपने अधीनस्थों के प्रति सहयोग में रहते थे वही उनके सीनियर अधिकारियों का उनके ऊपर हमेशा विश्वास था । जब उन्हें कोरोना पाजिटिव का संकेत मिला तो जिला अधिकारी राकेश कुमार मिश्र पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी की उपस्थिति में पीजीआई लखनऊ रेफर करते हुए उन्हें पुनः सीएमएस की कुर्सी पर विराजमान का आशीर्वाद देकर विदा किये थे । लेकिन जिलाधिकारी महोदय की यह ख्वाइशें सदा के लिए अधूरी रह गयीं । सीएमएस गौतम की आत्मा अंबेडकरनगर पिजड़े से निकल कर लोहिया की धरती को वीरान कर गये ।महान क्रांतिकारी वीर देशभक्त डॉ राम मनोहर लोहिया की धरती की माटी आज आप को सलाम करती है । पूरा अंबेडकरनगर आपको आखरी सलाम, प्रणाम ,वंदन, अभिनंदन करता है। हे वीर सपूत कोरोना योद्धा डाक्टर गौतम हमको आप तो अंधेरे में छोड़कर तो चले गये लेकिन आप हमारे दिलों में, हमारी यादों में हमेशा बने रहेंगे । गरीब मरीजों के एकमात्र आश विश्वास ,आखरी सांस ,आप को शत-शत नमन, कोटिस प्रणाम, परमात्मा आपकी अंतरात्मा को परम शांति प्रदान करें । हे देवतुल्य आत्मा यदि आपको जाने अनजाने में इस जनपद के किसी भी आवाम द्वारा आपको ठेस पहुंची हो तो पूरा अंबेडकरनगर इसके लिए आपसे हजार बार क्षमा प्रार्थी है ।आपको आखिरी प्रणाम, आखरी सलाम, जय हिंद, जय भारत ,जय गौतम, जय हो ।

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