संबंधित विभाग बना मूकदर्शक घनी आबादी के बीच धड़ल्ले से चल रही फैक्ट्रियां एक फ़िर सामने आई लापरवाही चली गई बेकसूर ऑपरेटर की जान

ए अहमद सौदागर

लखनऊ। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र। यहां प्लाईवुड, तरह-तरह की केमिकल बनाने वाली फैक्ट्रियां व पटाखा बनाने के कारखाने चल रहे हैं। लोग ख़तरे के मुहाने पर जिन्दगी बसर कर रहे हैं। शासन प्रशासन तमाशबीन बना है। यह संबंधित विभाग की नाकामी सुबूत है कि शुक्रवार की देर शाम चिनहट क्षेत्र के उत्तर्धौना गांव स्थित स्वरूप कोल्ड स्टोर में बॉयलर फटा और एक ऑपरेटर की दर्दनाक मौत हो गई जबकि तो महिलाएं समय 1 दर्जन से अधिक लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए। खास बात यह है कि यह फैक्ट्री औद्योगिक क्षेत्र नहीं बल्कि घनी आबादी के बीच चल रही है।
,संबंधित विभाग की लापरवाही पर एक नजर,
चिनहट थाना क्षेत्र के उत्तरधौना गांव के पास बीबीडी चौकी से करीब 50 कदमों की दूरी पर स्थित घनी आबादी के बीच स्वरूप कोल्ड स्टोर एवं केमिकल फैक्ट्री चल रही है। रोज की तरह शुक्रवार को भी फैक्ट्री में ऑपरेटर शिवरूप पाल सहित 14 लोग काम कर रहे थे कि करीब 9 बजे रात बॉयलर में विस्फोट हो गया और देखते ही देखते जनपद फतेहपुर निवासी 35 वर्षीय अॉपरेटर शिव रूप पाल धमाके की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं सहित एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
यही नहीं भीषण धमाका आसपास के घरों को अपनी जद में ले लिया, जिससे लोगों में हाहाकार मच गया।
फैक्ट्री के भीतर काम कर रहे मजदूरों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई और देखते ही देखते फैक्ट्री राख में तब्दील हो गई। बेकाबू धमाके को काबू पाने में फायर ब्रिगेड व एसडीआरएफ तथा स्थानीय पुलिस को करीब तीन घंटे से अधिक लोग गए थे।
संबंधित विभाग की लापरवाही पर गौर करें तो इससे पहले भी राजधानी लखनऊ के घनी आबादी वाले स्थानों पर बॉयलर फटने से मौत हो चुकी है। उदाहरण के तौर पर 3 अक्टूबर 2012 को तालकटोरा इलाके में एक प्लाई बोर्ड फैक्ट्री में बॉयलर फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। यही नहीं तालकटोरा थाना क्षेत्र के माया पुरम कॉलोनी में भी जहरीली गैस से 6 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई बार पटाखा फैक्ट्रियों में ही जोरदार धमाका हुआ जिसमें कई लोगों की मौतें हो चुकी हैं इसके बावजूद भी संबंधित विभाग एवं शासन प्रशासन नहीं चेता लिहाजा आज भी घनी आबादियों के बीच मैं फैक्ट्रियों का चलना बदस्तूर जारी है और संबंधित विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
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,पति का शव देख फफक पड़ी पत्नी,
कांति पाल के सारे सपने उस समय टूट गए जब उन्हें पति शिवरूप पाल की मौत होने की खबर मिली।
वह लड़खड़ाते कदमों से भागकर फैक्ट्री के पास पहुंची, लेकिन पति का शव देखकर बदहवास हो गई।
कांति पति की लाश को कलेजे चिपकाए हुए रोती रही। उसकी विलाप देख हर कोई खुद को रोक नहीं सका।करीबी उसे सांत्वना देने में जुटे हुए थे, लेकिन वह रह-रह कर बस यही कहती थी कि हे भगवान यह सब कैसे हो गया।
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फैक्ट्री मालिक सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज,
पति की मौत के बाद किसी तरह कांति पाल शनिवार को चिनहट कोतवाली पहुंची और स्वरूप केमिकल फैक्ट्री के मालिक विशाल स्वरूप अग्रवाल सहित खान के खिलाफ तहरीर दी।
इंस्पेक्टर चिनहट क्षीतिज कुमार त्रिपाठी के मुताबिक पीड़िता कांति की तारीफ पर फैक्ट्री मालिक विशाल स्वरूप अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि फैक्ट्री के मैनेजर डीके सिंह के खिलाफ भी जांच पड़ताल की जा रही है।
इंस्पेक्टर का कहना है कि विशाल स्वरूप की तलाश में के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। हालांकि अभी तक मृतक के परिजन को मुआवजा दिए जाने की बात सामने नहीं आई है।
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पहले चेत जाते शायद न होता हादसा,
उत्तर्धौना गांव स्थित स्वरूप केमिकल फैक्ट्री के बारे में ग्राम प्रधान सहित कई लोगों ने यहां से फैक्ट्री हटाने के लिए शासन प्रशासन एवं संबंधित विभाग को प्रार्थना पत्र देकर मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल हादसे को लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष व्याप्त है।

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