मुगलों के जमाने से आज तक उपेक्षित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राष्ट्रवादी और समाजसेवियों का छोटा सा गांव बालीपुर

बांकेलाल निषाद

जनपद अम्बेडकर नगर -तहसील आलापुर के अन्तर्गत थाना राजे सुल्तानपुर की सीमा में एक छोटा सा गाँव है। बालीपुर जिसमे दस घर ब्रहमणो के तीन घर कनौजिया के दो परिवार यादव सहित कुल पंद्रह घर का गाँव है। लगभग दो सौ साल पहले यहाँ के मूल निवासी बाली बाबा के नाम से इस गाँव का नाम बाली पुर पडा !बाली बाबा के बारे मे गाँव के निवासियों का कहना है। कि उनकी धोती आकाश मे सूखती थी मंत्रोच्चार से जब वो चाहते थे अपनी धोती आकाश मे सूखने के लिए भेज देते थे।और धोती सूख जाने के बाद आकाश से वापस मंगा लेते थे!उनके बारे मे एक कहावत है ।कि खेती करने के लिये उन्होंने एक भूत का बाल काटकर उसे पकड लिया था और जब तक वह भूत अपना बाल वापस नहीँ पाया तब तक खेती बारी का काम वह भूत ही करता था। उस भूत का नाम जूरा बाबा के नाम से गाँव में जाना जाता है और उनका एक छोटा सा मंदिर भी गाँव में है। आज भी गाँव के लोग साल की पहली फसल का पैदा अन्न उन्हे चढाकर उनसे सुखी रहने का आशीर्वाद लेते हैं ।मुगलो के जुल्म का बाली बाबा ने जम कर विरोध किया और हिन्दुत्व को जिन्दा रखने के लिये मुगलों के जुर्म से पीडित दलित पिछडो जनता की अपने गाँव से लेकर आसपास के अन्य गाँव में खेती बारी रहने की जगह दे। मदद की उनके इसी राष्ट्रवादिता के कारण मुगलों ने हमेशा बालीपुर गाँव को टेढी नजर से देखा और इस गाँव में मुगलो ने विकास का कोई कार्य नहीं किया !मुगलों के जाने के बाद अग्रेंजो ने भी इस गाँव को टेढी नजर से देखा क्योंकि इसी गाँव के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. मधुवन तिवारी जो बैंकाक मे रहते थे! नेताजी सुभाष चन्द्र बोस से प्रेरणा लेकर वो आजाद हिन्द फौज में शामिल हो गये। और आजाद हिन्द फौज के लिये हथियारो के लिये पैसा की व्यवस्था करना तथा घायल सैनिको के लिये खून की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी पूर्णतया तन मन धन से की जब अग्रेंजो के कान मे इनके काम की भनक लगी तो अग्रेंजो ने वीर सपूत को गिरफ्तार करके दस सालों के लिये बैकाक की जेल मे डाल दिया !इनके गिरफ्तार होते ही पूरे बैकाक के भारतीयों मे राष्ट्र वाद की प्रेरणा जागी !हजारों की संख्या मे लोग बैंकाक मे आजाद हिन्द फौज मे शामिल हो नेताजी की मदद करने लगे वहीं भारत मे भी बाली पुर गाँव के लोग शहीद भगत सिंह ‘चंद्रशेखर आजाद ‘ गाँधी जी से प्रेरणा लेकर स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा बन गये गाँव के लोग बताते है। जब अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद का इनकाउंटर हुआ तो पूरे गांव के लोगों ने आठ दिन खाना नहीं खाया नौवें दिन जाकर पूरे गाँव ने अपना ब्रत तोड राष्ट्र वाद की ज्योति को आगे बढ़ाया। गाँव की इसी राष्ट्रीयता को देखते हुए अग्रेंजो ने हमेशा बालीपुर गाँव पर टेढी नजर रखी और अब इस आजाद भारत मे भी बालीपुर गाँव के रहने वाले स्व. विद्याधर तिवारी ने जिनका बाद मे नाम श्री श्री 108 बाबा बरखंडीदास जी महाराज ने अयोध्या मे जाकर ब्रहंग्यान प्राप्त किया और सुलतानपुर जनपद के जयसिंहपुर मे जाकर अपना आश्रम बनाया और पूरे जीवन धर्म कर्म संस्कृति का प्रचार प्रसार करके ब्रहंवत मे विलीन हो गये समाज सेवा के मामले मे भी यह गाँव जिले मे अव्वल स्थान रखता है वालीपुर गाँव के रहने वाले अजय कुमार तिवारी की समाज सेवा से प्रभावित होकर पूर्व राज्यपाल कोविन्द नाइक ने अजय कुमार तिवारी को सेवा रत्न सम्मान से सम्मानित किया था आज भी जब राष्ट्रवाद की बात आती है तो पूरा गाँव एकजुट होकर राष्ट्रीयता को अपना मुकुट समझता है सपा हो बसपा हो या भाजपा हो शक्ति संतुलन बनाने या राष्ट्रवादी नीतियों से प्रभावित होकर इस गाँव ने समय समय पर हर पार्टी को शत प्रतिशत वोट किया लेकिन छोटा गाँव और कम वोट होने की वजह से इस गाँव के विकास का किसी पार्टी ने रत्ती भर भी साथ नहीं दिया वर्तमान विधायक और सांसद से काफी उम्मीदें थी इस गाँव के लोगों को लेकिन ये लोग भी राम राज्य का पूरा लुप्त उठा कर कुम्भकर्णी नींद मे सो रहे है आज गाँव मे कोई सडक नाली नहीं है पूरे गाँव में घुटने के बराबर पानी लग जाता है लोग हिल्ले और कचडे मे रहने को मजबूर है कयी लोगो के पास रहने का मकान नहीं है लोग बारिश में परिवार के साथ भीगते हुये जीवन जी रहे है पूछनेा पर वालीपुर के लोग कहते हैं जब हमारे नेता को हमारा ख्याल नही तो शासन प्रशासन क्यो ख्याल करेगा बस देखना यह है कि मुगलो अग्रेंजो आजाद भारत मे आज तक उपेक्षित रहा यह गाँव पर योगी सरकार का रहमो करम कब होगा और हमारे विधायक और सांसद की कुम्भकर्णी नींद कब टूटेगी

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