बाढ़ में डूबा चहोड़ा गोशाला, बचाव कार्य में जुटा जिला प्रशासन एडीएम, एनजीओ गंतव्य चैरिटेबल ट्रस्ट समेत बचाव में लगा है प्रशासन

अम्बेडकरनगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद

 

जनपद अंबेडकर नगर- के तहसील आलापुर अंतर्गत चहोड़ा निराश्रित पशु आश्रय स्थल घाघरा नदी में बाढ की वजह से पूरा गौशाला डूब गया है जिसको बचाने के लिए पूरा जिला प्रशासन आनन-फानन में तत्काल पहुंच कर लगभग 350 पशुओं को सुरक्षित निकालने के लिए जेसीबी मंगा कर सूखे स्थान पर व्यवस्था करने में लग गया है । अपर जिलाधिकारी डॉक्टर पंकज वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर शैलेन्द्र सिंह, एनजीओ की आलाकमान एवं एडीएम की पत्नी शुरभि, एसडीएम आलापुर धीरेंद्र श्रीवास्तव ,पशु चिकित्सा अधिकारी विवेक सिंह, तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव ,बीडीओ मोहम्मद आरिफ, सुबह लगभग 6:00 बजे से ही ग्राम प्रधान मोहम्मद असलम को बुलाकर जेसीबी के साथ सभी पशुओं को सुरक्षित स्थान पर निकालने के लिए युद्ध स्तर से लग गए हैं । एडीएम डॉक्टर पंकज वर्मा व उनकी धर्मपत्नी सुरभि वर्मा पूरी अपनी एनजीओ टीम समेत पशुओं को इलाज का प्रबंध कराई और साथ ही साथ जो चोटिल पशु हैं उन्हें सुरक्षित स्थान पर सकुशल रखवा दी हैं। बाकी पशुओं को निकाला जा रहा है और सुरक्षित स्थान पर उनको पहुंचाया जा रहा है जिसके प्रबंधन के लिए अस्थायी व्यवस्था पानी भूसा दवा त्रिपाल आदि की व्यवस्था किया जा रहा है जिससे वे बाढ़ ग्रस्त निराश्रित पशु आश्रय स्थल से सुरक्षित बच जाय । एडीएम डॉक्टर पंकज वर्मा की पत्नी ने बताया कि कुछ पशु चोटिल और घायल हो गये है बीमार हो गए हैं उनका इलाज चल रहा है और जल्द से जल्द उन्हें ठीक कर दिया जायेगा बाकी पशु जो है उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जा रहा है । गंतव्य चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्षा सुरभि वर्मा ने बताया कि हमारी एनजीओ की टीम इसके पहले भी पशुओं का इलाज सहारनपुर आदि जिलों में कर चुकी हैं। गौरतलब है कि चहोड़ा पशु आश्रय स्थल बिल्कुल घाघरा नदी के कंठ पर ही बना हुआ है। गर्मी ठंडी में तो ठीक रहता है लेकिन बरसात में बाढ़ ग्रस्त एरिया की वजह से पशुओं की परेशानी बढ़ जाती है जिसकी वजह से आज यह जलालत जिला प्रशासन को व ग्राम प्रधान को झेलनी पड़ रही है । लगातार घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है फिलहाल सभी पशु सुरक्षित हैं और जिला प्रशासन प्रधान समेत उन्हें बचाने में सक्रिय रुप से लगा हुआ है।

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