लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय में आज प्रथम डॉ. अवतार सिंह राष्ट्रीय भाषण प्रतियोगिया का आयोजन किया गया। इ

लखनऊ विश्वविद्यालय -के विधि संकाय में आज प्रथम डॉ. अवतार सिंह राष्ट्रीय भाषण प्रतियोगिया का आयोजन किया गया। इस आयोजन को विधि संकाय स्थित लखनऊ यूनिवर्सिटी मूट कोर्ट एसोसिएशन द्वारा करवाया गया। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न विश्विद्यालयों से 35 से भी अधिक टीमों ने प्रतिभाग किया। इस भाषण प्रतियोगिया का विषय ‘कोविड-19 के कारण घटता रोजगार’ था। इस आयोजन के निर्णायक मंडल में श्री भरत पांडेय, डिप्टी एवं लीगल एडवाइसर, ओ.एन. जी.सी. तथा श्रीमती फ्रुमु शेरपा, मणिपाल अकेडमी ऑफ हायर रिसर्च रहे।
इस कार्यक्रम की शुरुआत विधि संकाय के प्रमुख एवम विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सी.पी. सिंह के अभिभाषण से हुई। प्रोफेसर सिंह ने इस कार्यक्रम के उद्देश्य को परिलक्षित किया। उन्होंने बताया कि इस वैश्विक महामारी के दौर में हमें हर क्षेत्र में ध्यान देने की जरूरत है। इन्ही क्षेत्रों में से एक अत्यंत प्रमुख क्षेत्र है, रोजगार। आधुनिकता के इस दौर में रोजगार शब्द बड़ा ही व्यापक शब्द बन चुका है। इसके उतार-चढ़ाव पर सरकारें बदल जाती हैं। इस वैश्विक महामारी के समय में रोजगार पर बहुत असर पड़ा, विशेषतः भारत जैसे देश पर जिसकी आबादी 137 करोड़ से भी अधिक है। इस आयोजन से हम, हमारे देश के भविष्य रूपी बच्चों से इस विषय पर उनके विचारों को जानेंगे।
इसके बाद प्रतिभागियों ने अपने विचारों को रखा। इन विचारों में प्रमुख बिंदु निम्नवत हैं-
1. देश के पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर को इस वैश्विक महामारी के दौर में एक साथ आना चाहिए जिससे हमारे स्रोतों में वृद्धि हो सके।
2. वोकल फ़ॉर लोकल की थीम को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
3. रोजगार की एक वृहद परिभाषा बननी चाहिए।
4. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक मजूबत संगठन बनना चाहिए, जिसके द्वारा रोजगार के सही आंकड़े मालूम हो सकें और उनके निवारण का उपाय करा जा सके।
5. सरकारों को इस मामले में पारदर्शिता बरतनी चाहिए, जिससे वास्तविक स्थिति का ज्ञान हो सके।
6. विकासशील देशों को अपनी बहुराष्ट्रीय कम्पनियों से सम्बंधित नीति को पुनः निर्मित करना चाहिए और उसमें इस महामारी के दौरान किये जाने वाले उपायों को भी परिलक्षित करना चाहिए।
इस आयोजन के उपरांत परिणामों को बताया गया। इस भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर निधि दाल्वे, द्वितीय स्थान पर यश राज एवं तृतीय स्थान पर कशिश अग्रवाल रहीं जिन्हें क्रमशः 1500 रुपए, 800 रुपये तथा 400 रुपये देकर पुरस्कृत किया गया।
इस कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन लखनऊ विश्वविद्यालय मूट कोर्ट एसोसिएशन के सदस्य निशांत वीर सिंह द्वारा किया गया।

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