किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में ढेर हुआ राकेश

राजधानी में आकर करने वाला था वारदात

ए अहमद सौदागर

लखनऊ। कहते हैं कि जुर्म की दुनिया में आने का रास्ता तो है, लेकिन जाने की मंजिल नहीं। मऊ जिले के कोपागंज निवासी अपराधी राकेश उर्फ़ हनुमान पांडे चर्चित भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में आरोपी था लेकिन अदालत ने उसे बरी कर दिया था।
जेल से रिहा होने के बाद किसी रोजगार करने के बजाए एक बार फिर अपराध की दुनिया में कदम रखने के इरादे से किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाला था, लेकिन राजधानी लखनऊ में कदम रखते ही एसटीएफ ने उसके नापाक मंसूबों पर पानी फेर उसे मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। बालिग होने के बाद जेल में बंद मुख्तार अंसारी और बागपत जेल में मारे गए माफिया ओमप्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी का दामन थाम देश व प्रदेश में नाम कमा लिया था।
चर्चा यह भी है कि राकेश एक बड़ा गिरोह तैयार कर और मोटी रकम कमाने वाला था।
जेल से छूटने के बाद किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक की आहट मिलते ही राज्य की एसटीएफ ने ढेर कर हनुमान के आतंक का अंत कर दिया।
एसटीएफ के अफसरों की मानें तो पुलिस मुठभेड़ में मारा गया राकेश उर्फ़ हनुमान पांडे शातिर किस्म का अपराधी था और इसके खिलाफ करीब एक दर्जन से अधिक संगीन मुक़दमे दर्ज थे।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि राकेश एक अलग गैंग बनाने वाला था और गिरोह में नई उम्र के लड़कों को जरायम की दुनिया में लाकर खड़ा करने वाला था ॽ
सूत्र बताते हैं कि इसकी जानकारी पुलिस को उस समय हुई थी, जब ख़ान मुबारक के शूटर नीरज गिरफ्तार हुआ था।
वर्ष 2017 के बाद राजधानी लखनऊ सहित यूपी के अलग-अलग जिलों में मुठभेड़ के दौरान हुई गिरफ्तारी और ढेर से एक बार फिर वह अपराधी सहम गए जो घटना कर पुलिस महकमे को चुनौती देने वाले थे।

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