परिवार रजिस्टर में पिंटू को सेक्रेटरी ने दर्ज किया दो गांव का निवासी ,वरासत चाचाओं के नाम कमिश्नर से लगायी न्याय की गुहार, एसडीएम आलापुर को जांच के आदेश

कमिश्नर से लगायी न्याय की गुहार, एसडीएम आलापुर को जांच के आदेश

अम्बेडकर नगर ब्यूरो अजय कुमार तिवारी

 

 

जनपद अंबेडकर नगर- के रामनगर ब्लॉक में भ्रष्टाचार का एक नया मामला उजागर में आया है । जनपद के रामनगर ब्लाक अंतर्गत कौड़ाही निवासी पिंटू निषाद के पिता अर्जुन की मौत के बाद वरासत उसके नाम नियमतः होना चाहिए लेकिन उसके हिस्से की जमीन और नेशनल हाईवे का 42 लाख रुपया उसके चाचाओं के नाम हो गया । यह अजूबा खेल और भ्रष्टाचार का नया मामला दो ग्राम सभा के सेक्रेटरियों के कलम से हुआ है। पूरा प्रकरण यह है कि कि 2003 में पिंटू के पिता की मृत्यु हो गयी उसी के 7 वर्ष बाद पिंटू के बाबा वंशु की मृत्यु 2010 में हो गई। पिंटू के बाबा वंशु की मृत्यु के बाद पिंटू के चाचाओं में श्रीनाथ, जियालाल, गोमती के नाम फर्जी ढंग से पिंटू के हिस्से की जमीन का वरासत हो गया । जब पिंटू को पता चला तो उसने हिस्सा हसिये के लिए माननीय न्यायालय तहसीलदार महोदय आलापुर के यहां मुकदमा दर्ज कर दिया ।इसी बीच एनएच में कौड़ाही में स्थित पिंटू के हिस्से की जमीन का कुछ हिस्सा एनएच में चला गया जो उसके हिस्से का मुआवजा के रूप में 42 लाख रूपए उसे मिलने थे लेकिन महेशपुर मंडप ग्राम सभा में बिना किसी आदेश के रिश्वत लेकर सेक्रेटरी ने फर्जी ढंग से महेशपुर मंडप के परिवार रजिस्टर में पिंटू का नाम दर्ज कर दिया । उसी के परिवार रजिस्टर की नकल लेकर पिंटू के चाचाओं ने नेशनल हाईवे से संबंधित अधिकारी को पिंटू को महेशपुर मंडप का निवासी बता कर सारा पैसा उसके हिस्से की अपने खाते में करवा लिए। पिंटू ने इसकी गुहार अपर जिलाधिकारी से शिकायत की तो उन्होंने बीडीओ मोहम्मद आरिफ रामनगर को परिवार रजिस्टर नकल में संसोधन के लिए आदेशित किया लेकिन महेशपुर मंडप के ग्राम पंचायत अधिकारी अग्निवेश मौर्य महेशपुर मंडप से नाम काटने के लिए कहा गया तो उसने हीला हवाली करना शुरू कर दिया । सेक्रेटरी पिंटू के चाचाओं के प्रभाव में आकर परिवार रजिस्टर में नाम काटने के लिए पिंटू को मना कर दिया । भ्रष्टाचार के इस खेल के ऊपर कोई न नकेल नहीं है । योगी सरकार अधिकारियों को फ्री किए हुए हैं इनके ऊपर कोई दबाव नहीं है । परिवार रजिस्टर नकल में हुए भ्रष्टाचार से पिंटू के चार लड़के आज भिखारी बनकर घूम रहे हैं। उसके पास कोई आशियाना नहीं है । उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है। पिंटू को उसका हक दिलाने के लिए दोषी ग्राम पंचायत अधिकारी अग्निवेश मौर्या के खिलाफ कार्रवाई की सख्त जरूरत है। परिवार रजिस्टर में छेड़छाड़ से पिंटू जैसे न जाने कितनों का हक मारा जा रहा है । पिंटू ने इसकी शिकायत मंडला आयुक्त से की है । मंडला आयुक्त ने एसडीएम धीरेंद्र श्रीवास्तव आलापुर को जांच के लिए आदेशित किया है । देखना यह है कि अब भी पिंटू को न्याय मिलता है या फिर यह जांच ठंडे बस्ते में ही चला जाता है ।

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