भूमिहीन अबोध बच्चों के नाम किसान सम्मान निधि ,लाखों का घोटाला उप कृषि निदेशक आरडी बांग्ला ने साइबर क्राइम मामला बताते हुए झाड़ा पल्ला

फोन से वार्ता---उप कृषि निदेशक आर डी बांग्ला

अंबेडकरनगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद

भूमिहीन अबोध बच्चों के नाम किसान सम्मान निधि ,लाखों का घोटाला

 

जनपद अम्बेडकर नगर -के तहसील जलालपुर अंतर्गत मुरवाह ग्राम सभा के ग्राम प्रधान बोधप्रकाश उपाध्याय जलालपुर तहसील कर्मी ,लेखपाल रामकृपाल प्रजापति व कृषि भवन अंबेडकर नगर के मिलीभगत से भूमिहीन अबोध बच्चों समेत करीब 4 सौ लोगों के नाम खाता खुला और उनके खाते से किसान सम्मान निधि का कम से कम बीसो लाख रुपए निकल गया और उन्हें भनक तक नहीं लगा । यहां तक कि किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वालों में 4 वर्ष से लेकर 15 वर्ष तक के बच्चे भी शामिल हैं और इन बच्चों के खाते से भी पैसा निकल गया और इन बच्चों को पता नहीं चला । पूरा प्रकरण यह है कि ग्राम प्रधान बोध प्रकाश उपाध्याय अश्वनी वयम जन सेवा केंद्र चलाता है और उसने फिनो बैंक और इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक के नाम से 2 फ्रेंचाइजी लिया है । और वहां अपने ग्राम सभा से 4 साल से 15 साल के बच्चों का कम से कम 25 लोगों का और लगभग 400 अन्य लोगों का आधार कार्ड ले करके फर्जी ढंग से खाता खोल रखा है और लेखपाल रामकृपाल प्रजापति तहसील जलालपुर कर्मी और कृषि भवन के अधिकारियों की मिलीभगत से किसान सम्मान निधि का फार्म वेरीफाई करा कर छह छह किस्त सबका पैसा निकाल कर लाखों रुपए का बंदरबांट कर डकार लिये है और फर्जी ढंग से सभी का एटीएम भी बनवा लिये है । एटीएम के माध्यम से और मनरेगा मजदूरी के बहाने सभी का अंगूठा लगवा कर ग्राम प्रधान द्वारा किसान सम्मान निधि का पैसा निकाल लिया । कुछ दिन बाद ग्रामीणों को जब पता चला तो उन्होंने स्टेटमेंट निकलवाना चालू किया तो पता चला उनका फर्जी ढंग से खाता भी खुल गया है और 6-6 किस्त का किसान सम्मान निधि का पैसा भी निकल चुका है । उप कृषि निदेशक आरडी बांग्ला से जब वार्ता हुई अंबेडकरनगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद

भूमिहीन अबोध बच्चों के नाम किसान सम्मान निधि ,लाखों का घोटाला

उप कृषि निदेशक आरडी बांग्ला ने साइबर क्राइम मामला बताते हुए झाड़ा पल्ला

फोन से वार्ता—उप कृषि निदेशक आर डी बांग्ला

जनपद अम्बेडकर नगर के तहसील जलालपुर अंतर्गत मुरवाह ग्राम सभा के ग्राम प्रधान बोधप्रकाश उपाध्याय जलालपुर तहसील कर्मी ,लेखपाल रामकृपाल प्रजापति व कृषि भवन अंबेडकर नगर के मिलीभगत से भूमिहीन अबोध बच्चों समेत करीब 4 सौ लोगों के नाम खाता खुला और उनके खाते से किसान सम्मान निधि का कम से कम बीसो लाख रुपए निकल गया और उन्हें भनक तक नहीं लगा । यहां तक कि किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वालों में 4 वर्ष से लेकर 15 वर्ष तक के बच्चे भी शामिल हैं और इन बच्चों के खाते से भी पैसा निकल गया और इन बच्चों को पता नहीं चला । पूरा प्रकरण यह है कि ग्राम प्रधान बोध प्रकाश उपाध्याय अश्वनी वयम जन सेवा केंद्र चलाता है और उसने फिनो बैंक और इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक के नाम से 2 फ्रेंचाइजी लिया है । और वहां अपने ग्राम सभा से 4 साल से 15 साल के बच्चों का कम से कम 25 लोगों का और लगभग 400 अन्य लोगों का आधार कार्ड ले करके फर्जी ढंग से खाता खोल रखा है और लेखपाल रामकृपाल प्रजापति तहसील जलालपुर कर्मी और कृषि भवन के अधिकारियों की मिलीभगत से किसान सम्मान निधि का फार्म वेरीफाई करा कर छह छह किस्त सबका पैसा निकाल कर लाखों रुपए का बंदरबांट कर डकार लिये है और फर्जी ढंग से सभी का एटीएम भी बनवा लिये है । एटीएम के माध्यम से और मनरेगा मजदूरी के बहाने सभी का अंगूठा लगवा कर ग्राम प्रधान द्वारा किसान सम्मान निधि का पैसा निकाल लिया । कुछ दिन बाद ग्रामीणों को जब पता चला तो उन्होंने स्टेटमेंट निकलवाना चालू किया तो पता चला उनका फर्जी ढंग से खाता भी खुल गया है और 6-6 किस्त का किसान सम्मान निधि का पैसा भी निकल चुका है । उप कृषि निदेशक आरडी बांग्ला से जब वार्ता हुई तो उन्होंने साइबर क्राइम कहते हुए पल्ला झाड़ लिया और उन्होंने बताया कि जब लेखपाल और तहसील कर्मी वेरिफिकेशन करके किसान सम्मान निधि का फार्म भेज दिये तो हमारी मजबूरी है कि हमें पैसा भेजना ही है । ताज्जुब है कि योगीराज के ये सरकारी कर्मी जो वास्तविक किसान हैं वे किसान सम्मान निधि के लिए दर-दर भटक रहे हैं और उन्हें किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं मिल रहा है उनके लिए ये सरकारी कर्मी तेजी नहीं दिखा पाते हैं । जबकि इन अबोध बच्चों के नाम पर लाखों का किसान सम्मान निधि के नाम पर घोटाला और भ्रष्टाचार उजागर हुआ है अभी तक अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है । इसकी पूरे ना केवल जनपद में बल्कि प्रदेश में उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है और दोषी पाए जाने पर इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही करते हुए कड़ी से कड़ी सजा की आवश्यकता है । उन्होंने साइबर क्राइम कहते हुए पल्ला झाड़ लिया और उन्होंने बताया कि जब लेखपाल और तहसील कर्मी वेरिफिकेशन करके किसान सम्मान निधि का फार्म भेज दिये तो हमारी मजबूरी है कि हमें पैसा भेजना ही है । ताज्जुब है कि योगीराज के ये सरकारी कर्मी जो वास्तविक किसान हैं वे किसान सम्मान निधि के लिए दर-दर भटक रहे हैं और उन्हें किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं मिल रहा है उनके लिए ये सरकारी कर्मी तेजी नहीं दिखा पाते हैं । जबकि इन अबोध बच्चों के नाम पर लाखों का किसान सम्मान निधि के नाम पर घोटाला और भ्रष्टाचार उजागर हुआ है अभी तक अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है । इसकी पूरे ना केवल जनपद में बल्कि प्रदेश में उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है और दोषी पाए जाने पर इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही करते हुए कड़ी से कड़ी सजा की आवश्यकता है ।

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