मीरजापुर में पीडब्ल्यूडी का आदेश विवाद के बाद रद किया गया

मुख्यमंत्री की फ्लीट के आगे न आएं छुट्टा जानवर, जेई रस्सी लेकर आएं और पकड़ें

पीडब्ल्यूडी ने अपनी गलती मानते हुए आदेश को वापस ले लिया है। लिहाजा यह आदेश रद कर दिया गया है। - सुशील कुमार पटेल, डीएम, मीरजापुर• एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ/मीरजापुर : छुट्टा जानवरों से प्रशासन कितना परेशान हैं, इसका नजारा मीरजापुर में देखने को मिला। मीरजापुर में सीएम का दौरा होना है। इस दौरान सीएम की फ्लीट के सामने छुट्टा जानवर न आ जाएं, इसलिए उन पर नजर रखने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजिनियरों को सौंप दी। प्रशासन के आदेश पर अधिशासी अभियंता ने इसका आदेश भी जारी कर दिया, लेकिन मामले को तूल पकड़ता देख आनन-फानन में इस आदेश को निरस्त कर दिया गया।

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29 जनवरी को सीएम योगी आदित्यनाथ का मीरजापुर दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान सीएम को नगर के भरुहना चौराहे पर सरदार पटेल और विंध्याचल के अमरावती चौराहे पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का लोकार्पण करना है। इसके अलावा सीएम गंगायात्रा कार्यक्रम में भी शामिल हो सकते हैं। इसके मद्देनजर राज्यमंत्री से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक मौका मुआयना में जुटे हैं। मुआयने के दौरान कई स्थानों पर छुट्टा जानवर अफसरों के वाहनों के आगे आए। अफसरों ने इस पर स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि छुट्टा जानवरों की व्यवस्था करें, जिससे वह सीएम की फ्लीट के सामने न आने पाएं। स्थानीय प्रशासन ने मौखिक रूप से पीडब्ल्यूडी को सीएम के दौरे के दौरान छुट्टा जानवरों को पकड़ने के आदेश दिए।

ऊपर से यह आदेश नीचे के अफसरों तक पहुंचा तो सोमवार को पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड-2 के अधिशासी अभियंता ने छुट्टा जानवरों को पकड़ने के लिए बाकायदा नौ जेई की रस्सी के साथ ड्यूटी लगा दी। आदेश के सोशल मीडिया पर वायरल के साथ ही इसका विरोध शुरू हो गया। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों के साथ जिला प्रशासन से भी की गई तो जेई संवर्ग के विरोध को देखते हुए अधिशासी अभियंता ने अपना आदेश वापस ले लिया।

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