उत्तराखंड कि राजधानी देहरादून मे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने दिखाए तेवर

(उत्तराखंड) देहरादून –  पिछले 58 दिनों से लगातार आंदोलनरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सब्र आज खत्म हो गया आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं बड़े सुनियोजित तरीके से महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास कार्यालय के मुख्यालय में पहुंचे और वहां मौजूद सभी अधिकारियों का घेराव किया घेराव के समय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सरकार विरोधी और विभाग विरोधी नारे लगा रहे थे और उन्होंने अधिकारियों का घेराव कर कड़े शब्दों में अपने निलंबन की बात और मानदेय बढ़ाने की बात को रखा इस दौरान अधिकारी बचाव की मुद्रा में नजर आए उप निदेशक एसके सिंह का घेराव करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमारी मांगे शासन स्तर पर सुने तो जा रही हैं लेकिन उन्हें अमल में नहीं लाया जा रहा हम बिना लिखित के नहीं मानेंगे इसी प्रकार उपनिदेशक सुजाता सिंह के द्वारा भी आंगनवाड़ियों को समझाने का प्रयास किया आंगनवाड़ियों ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई सुजाता सिंह ने कहा कि रेखा आर्य मंत्री हैं उनकी बात का बुरा नहीं मानना चाहिए इस पर पत्रकारों द्वारा जब उनसे पूछा गया कि क्या आप उन्हें अपने पेरेंट्स मानते हैं इस पर वह तुरंत सभा को छोड़कर अपने कक्ष में चले गई और उन्होंने जवाब देना मुनासिब नहीं समझा लोकसेवक किस तरह नेताओं की गुलामी में लगे हैं यह बात सुजाता सिंह के कहे वक्तव्य से स्पष्ट होती है यही बात झरना कमठान ने भी अपने वक्तव्य में कहा कि जिले में जिला स्तर का निर्णय लिया गया है जो कि मेरे ही हस्ताक्षर से जाता है लेकिन उसकी मुझे भनक नहीं थी वह मेरा कार्य नहीं था जिला अपने स्तर पर जो निर्णय लेता है उसमें मुझे सहमति देनी पड़ती है जिससे स्पष्ट होता है कि जिले अपनी मर्जी से निदेशक की मंजूरी लिए बिना भी कार्य को अमल में ला रहे हैं जिसके जो मन में आ रहा है कर रहे हैं अधिकारी नेताओं के आगे मजबूर नजर आए और आंगनवाड़ियों के आंदोलन को कुचलने के लिए नए हथकंडे अपना रहे हैं इसका उदाहरण आज उनके वक्तव्य से समझ में आया आज आंगनवाड़ियों का गुस्सा सातवें आसमान पर था और वह किसी भी प्रकार से अपनी मांगों को मनवाने बिना वहां से हटने के लिए तैयार नहीं थी उनके द्वारा बार-बार कहा जा रहा था कि हमें लिखकर दो तभी हम यहां से हटेंगे निदेशक झरना कमठान के द्वारा कहा गया किआपकी मांगे तभी माने जाएंगे जब आप हड़ताल समाप्त करेंगे इस पर आंगनबाड़ियों ने जोर-जोर से नारे लगाने शुरू कर दिए और झरना कमठान को अपने कक्ष में जाना पड़ा झरना कमठान जैसे ही नीचे उतरने लगी आंगनवाड़ियों ने फिर से उनका घेराव शुरू कर दियासंवाददाता के द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में निदेशक झरना कमठान ने कहा कि आंगनवाड़ियों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं सिर्फ मानदेय पर आकर बात ठहरी है जो मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करूंगी कि अगर आंगनवाड़ियों के द्वारा कोई ज्ञापन दिया जाता है तो मैं उसे शासन को भेजने के लिए तत्पर रहूंगी उन्होंने आंगनवाड़ियों से काम पर वापस आने की अपील की जिसे आंगनवाड़ियों ने नकार दिया और कहा कि हम निर्णय के लिए आए हैं निर्णय सुनकर ही जाएंगे इस दौरान निदेशालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा और विभाग के द्वारा पुलिस बुला ली गई और आंगनवाड़ियों को समझाने का कार्य किया गया आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नहीं मानी और उनके द्वारा निदेशालय के गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है उनका कहना है कि जब तक हमारे मानदेय की मांग नहीं मानी जाती हम धरना समाप्त नहीं करेंगे धरना प्रदर्शन करने वालों में पूरे उत्तराखंड की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहे जिसमें मुख्य रूप से उनका आंदोलन कर रही प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी जिला अध्यक्ष ज्योतिका पांडे ब्लॉक अध्यक्ष सहसपुर मीनू देवी धीमान सविता सजवान विकासनगर अध्यक्ष संध्या नेगी पिंकी चकराता अध्यक्ष भूमा जोशी डोईवाला अध्यक्ष सिमरन रायपुर अध्यक्ष ज्योति एवं रेखा रावत तथा समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ उषा शाह प्रेमलता सविता सजवान उषा नीलम पूनम तथा जिले के आंगनवाड़ी यूनियनों के समस्त पदाधिकारी एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रही

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