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बैकवर्ड के लिए आरक्षण भागीदारी संकल्प मोर्चा का मुख्य एजेंडा ओम प्रकाश राजभर

राणा रणजीत सिंह ने बताया कि हमारी पार्टी का संकल्प 21 और 27 परसेंट में से मोस्ट बैकवर्ड को आरक्षण दिलाना है

अम्बेडकर नगर – भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने राणा अजीत प्रताप सिंह के तिलक कार्यक्रम में भेंट वार्ता के दौरान बताया कि मोस्ट बैकवर्ड को आरक्षण दिलाने के लिए भागीदारी संकल्प मोर्चा का मुख्य लक्ष्य रहेगा। उनसे पूछे जाने पर कि 2022 की रणनीत के लिए क्या कार्यक्रम है आपका? तो उन्होंने बताया कि हम लोग एक भागीदारी संकल मोर्चा का गठन कर रहे हैं जिसमें जन अधिकार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा, प्रेमचंद प्रजापति, बाबू रामपाल ,रामधनी बिंद, देवेंद्र निषाद ,कृष्णा पटेल की पार्टी शामिल है और हमारे इस संगठन में मोस्ट बैकवर्ड के लिए आरक्षण शत प्रतिशत मुख्य एजेंडा रहेगा। एनआरसी और सीएए के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि भाजपा के पास कोई काम नहीं है। शिक्षा, बेरोजगारी, बेकारी भूखमरी पर चर्चा और कानून के बजाय केवल ध्यान भटकाने के लिए भाजपा एक से एक स्कीम लेकर जनता की थाली में परोस रही है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी पहले ले आई भाजपा जिसमें 99.9 8 परसेंट फेल हो गई ।तीन तलाक ,सीएए और इस समय एनआरसी और एनपीआर जैसे मुद्दे लाकर देश की जनता का ध्यान भटका रही है। उन्होंने बताया कि भाजपा वादा कर रही थी कि हम देश में एक भी स्टेट डिटेंशन सेंटर नहीं बनाएंगे जबकि असम में चार चार डिटेंशन सेंटर और उस सेंटर में मुस्लिम के साथ साथ हिंदू आबादी घुमंतू जातियां भी रहने पर मजबूर हो गई है। हमारे देश में करोड़ों की संख्या में घुमंतू जातियां हैं उनके पास कोई साक्ष्य का नहीं और गांव का गांव आग लगने के कारण उनके पास कोई साक्ष्य नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि इस कानून से हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी लोग प्रभावित होंगे। उन्होंने बताया कि असम में डिटेंशन सेंटर में जो लोग हैं उसमें 19 लाख मुसलमान हैं और 15 लाख हिंदू घुमंतु जातियां हैं और उन्होंने अमित शाह के बयान का हवाला दिया कि जब यह कहते हैं बांग्लादेश पाकिस्तान से जो हिंदू सिख इसाई पारसी हमारे देश में आएंगे हम उनको प्रमाण पत्र देंगे और वह हमारे देश में रहेंगे तो आखिर हमारे देश के करीब 15 करोड़ घुमंतू जातियां हैं जिनके पास कोई प्रमाण पत्र नहीं हैं जिसके गांव में आग लगी और उनके सारे प्रमाण पत्र खत्म हो गए ,जलकर राख हो गए उनको यह प्रमाण पत्र क्यों नहीं देते। 15 करोड़ घुमंतु जातियों को प्रमाण पत्र देकर इस देश में क्यों नहीं बसाते दूसरे देश से लोग आएंगे उनको प्रमाण पत्र देकर अपने देश में रखेंगे और अपने देश के लोगों को जिसके पास प्रमाण पत्र नहीं है उसको प्रमाण पत्र बनवा कर उसको नहीं रख पा रहे हैं ।उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि शिक्षा पर दो तरह की जो व्यवस्था लागू है एक जगह कान्वेंट पर लड़के बेंच और कुर्सी पर बैठकर पढ़ते हैं तो वहीं पर प्राइमरी स्कूल में टॉट पर बैठकर पढ़ते हैं ।आखिर सरकार क्यों नहीं कान्वेंट की यह व्यवस्था प्राइमरी की पढ़ाई में लागू करती। उन्होंने प्रदेश सरकार को शिक्षा के बजाय गंगा की सफाई के नाम पर अरबों रुपए लूटने का आरोप योगी सरकार पर लगाया।

अंबेडकरनगर ब्यूरो बाके लाल निषाद 

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