अंबेडकर नगर डीएम ने कहा पढ़ाई चरित्र के विकास के लिए होती है

अंबेडकरनगर- के तेजतर्रार जिला अधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने आज कलेक्ट्रेट सभागार के बाहर स्टूडेंट पुलिस कैडेट भ्रमण कार्यक्रम के दौरान आए शिक्षक एवं उनके छात्रों से रूबरू हुए और उन्होंने बच्चों को बताया कि पढ़ाई चरित्र के विकास के लिए होती है ना कि कि केवल नौकरी के लिए ।उन्होंने बच्चों से भ्रमण के दौरान वृद्धा आश्रम में वृद्धजनों के बारे में छात्रों के जिज्ञासाओं का उत्तर देते हुए बताएं कि वृद्धा आश्रम की जरूरत आज के परिवेश में क्यों पड़ रही है ? वृद्ध इस वृद्ध आश्रम में घर परिवार छोड़कर रहने के लिए क्यों बाध्य हैं? उन्होंने बताया कि वृद्ध मां बाप को यहां आने के लिए मजबूर उनके परिवार उनके बेटे बहुओं ने किया है या तो उनके लड़के विदेश में कमा रहे हैं या उनको छोड़कर बाहर रह रहे हैं अथवा उनके अंदर मां बाप की सेवा करने में संस्कारों की कमी है अथवा उनके बहू बेटों द्वारा उनकी जमीन ले ली गई है ।इसलिए ये वृद्धजन वृद्धा आश्रम में रहने के लिए मजबूर हैं ।उन्होंने बच्चों को शिक्षा देते हुए बताया कि पढ़ाई ना केवल नौकरी के लिए किया जाता है बल्कि चारित्रिक विकास के लिए किया जाता है। हमें वह पढ़ाई करनी चाहिए जो हमारे जीवन निर्वाह में उपयोग हो सके। हम उस पढ़ाई का समाज सेवा के लिए ,मां-बाप की सेवा के लिए, परिवार की सेवा के लिए ,देश की सेवा के लिए प्रयोग कर सकें। हमें हमेशा व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर सामाजिक कार्य के लिए अपने आप को लगाना चाहिए । उन्होंने बताया कि अकबर और शेरशाहसूरी अनपढ़ थे। लेकिन उन्होंने अपनी काबिलियत के बल पर अपने शहंशाही में महारत हासिल किए और उन्हें द ग्रेट अकबर और शेर शाह सुरी द ग्रांड ट्रंक रोड के लिए और प्रशासनिक कार्यों के लिए विश्व प्रसिद्ध है ।उन्होंने बच्चों को हमेशा आगे बढ़ने के लिए मां-बाप की सेवा करने के लिए, समाज के चतुर्दिक के विकास के लिए और अपने व्यक्तित्व के विकास पर बल दिया और यह भी बताया कि कभी भी अपनी व्यस्तता की वजह से अपने मां बाप को कष्ट ना दें ।जिससे वृद्धा आश्रम में आने की उन्हें बाध्य न होना पड़े। जिलाधिकारी द्वारा बच्चों के आई क्यू की और उनके प्रजेंट ऑफ माइंड का भी परीक्षण किया गया ।उन्होंने बीजगणित और ज्यामिति गणित के बारे में भी बच्चों से चर्चा की। गौरतलब है कि स्टूडेंट पुलिस कैडेट भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों के मन की जिज्ञासाओं को उत्तर देकर शांत किया जाता है। यह बच्चे जिला कारागार अंबेडकरनगर, जिला कलेक्ट्रेट जिलाधिकारी के माध्यम से और हर थानों पर जाकर अपने मन की जिज्ञासाओं को उच्चाधिकारी के माध्यम से शांत करते हैं और समाज के प्रति और देश के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने में अहम अनुभव प्राप्त करते हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास में सरकार द्वारा चलाया गया यह कार्यक्रम समाज के प्रति सार्थक साबित होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट -बांकेलाल निषाद

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