पुलिस की जमीन पर दबंग सत्ता धारियों द्वारा अटल नगर मार्केट बना कर अवैध कब्जे का प्रयास

सत्ता धारियों की आंच में जब पुलिस खुद झुलस जा रही है तो आम जनता के जानमाल की सुरक्षा कैसे करेगी पुलिस।

जनपद अंबेडकरनगर के आलापुर तहसील से सटे दो बीघा पुलिस की जमीन पर दबंग अन्ना पुर के ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह एवं सत्ता धारियों की हनक इस कदर बढ़ गई है कि तहसील के ठीक बगल 2 बीघा पुलिस की जमीन को दिन-रात 24 घंटे जेसीबी चलाकर पेड़ ,झाड़ झंकार को समतल कर ग्राम प्रधान एवं सत्ता धारियों द्वारा कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम प्रधान के आत्महत्या की धमकी के बाद उप जिलाधिकारी आलापुर भरत लाल सरोज ने ग्राम प्रधान द्वारा कथित बंजर भूमि एवं पुलिस की खतौनी 2 बीघा को पैमाइश कराकर निशानदेही करा दिया। और क्षेत्राधिकारी जगदीश लाल टम्टा ,इंस्पेक्टर नारद मुनि सिंह, थानाध्यक्ष जहांगीरगंज विवेक वर्मा अपने दल बल के साथ पैमाइश सुधा 2 बीघे अपनी खतौनी जमीन को बैरीकेटिंग करने की योजना जैसे ही बनाई तो ग्राम प्रधान सनापुर के वीरेंद्र सिंह समेत भाजपा के दबंग सप्ताह धारियों का जमावड़ा जुटना शुरू हो गया और किसी भी कीमत पर पुलिस की जमीन को बैरीकेटिंग करने से रोक दिया गया । सत्ता धारियों एवं पुलिस के बीच नोकझोंक के बाद जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंचे । पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार मिश्र ने उप जिलाधिकारी भरत लाल सरोज और ग्राम प्रधान अन्नापुर वीरेंद्र सिंह के बीच बंद कमरे में वार्ता हुई ।करीब घंटों वार्ता के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि पुलिस की जमीन की बाउंड्री ग्राम प्रधान अपने स्वविवेक से खुद कराएंगे और उनके अटल नगर बाजार की योजना जिसका उद्घाटन 15 फरवरी को होना था वह स्थगित कर दिया गया है ।यह उद्घाटन 15 फरवरी को जो होना था वह पुलिस की जमीन की बाउंड्री होने के बाद किया जाएगा । आखिर जब पुलिस अपनी जमीन को काबिज करने में दबंग प्रधान एवं सत्ता धारियों के सामने घुटने टेक दे रही है तो जनपद के आम जनता की जमीन को ऐसे दबंगों के सामने कैसे सुरक्षा कर पाएगी?। आखिर ग्राम प्रधान द्वारा बंजर की भूमि पर अटल नगर मार्केट किस नियम के तहत और किस लालच में करा रहे हैं? जबकि वह जमीन आलापुर पुलिस की है। आखिर आलापुर पुलिस के सामने किस लालच में सत्ताधारी और ग्राम प्रधान सैकड़ों की संख्या में पुलिस की जमीन को कब्जा करने के लिए उतावले हैं। गौरतलब है कि कोतवाली जलालपुर में अभी कुछ महीनों पहले इसी सरकार में इंस्पेक्टर नीरज सिंह द्वारा नान जैड ए की कोतवाली जलालपुर की जमीन को जलालपुर थाने के पीछे बाउंड्री करा कर अकेले थाने की जमीन को सुरक्षित किया था। जिसमें कुछ दबंगों द्वारा रोकने का प्रयास किया गया था लेकिन इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने उसको बाउंड्री करा कर बड़ी मुश्किल से कोतवाली में मिलाया। लेकिन वहीं पर आखिर आलापुर की पुलिस इन सत्ताधारी और ग्राम प्रधान के सामने अपनी खतौनी की जमीन को कब्जा करने में क्यों बौना साबित हो रही है? । आखिर एक इंस्पेक्टर नीरज सिंह जलालपुर कोतवाली की जमीन को बाउंड्री करा कर कोतवाली के अंडर में कर सकता है तो वहीं पर आलापुर की पुलिस अपने खतौनी को क्यों बाउंड्री कराने में निरीह साबित हो रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट -बांकेलाल निषाद

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