महिला अस्पताल में प्रसव पीड़िता से कुछ महिला अस्पताल कर्मियों की मदद से घूस लेने का झूठा आरोप हुआ वायरल ।

जनपद अंबेडकरनगर में जलालपुर महिला अस्पताल में सरैया ईट भट्ठा से गुड़िया पत्नी राजेश नामक महिला 2 फरवरी को अपनी सास पतिराजी के साथ डिलीवरी के लिए भर्ती हुई थी। सफल डिलीवरी के बाद डॉक्टर के ऊपर तत्काल छुट्टी के लिए प्रसव पीड़िता गुड़िया दबाव बनाने लगी। महिला अस्पताल की महिला डॉक्टर ने बताया कि अभी तत्काल छुट्टी देना रिस्क है प्रसव पीड़िता के पूर्णरूपेण स्वस्थ होने के बाद 48 घंटे के बाद ही छुट्टी मिलेगी ।जिससे नाराज होकर छुट्टी ना मिलने पर सास पतिराजी से कुछ संदिग्ध लोगों ने कुछ विरोधी अस्पताल कर्मियों की मदद से महिला डॉक्टर द्वारा घूस लेने का झूठा आरोप धन उगाही के चक्कर में गढ़ दिया। जिसकी जांच उपरांत घूस लेने का आरोप झूठा साबित हुआ ।भट्टे पर जाकर सास पति राजी एवं मुंशी घनश्याम से बयान लेने के बाद पता चला कि मुंशी ₹3000 सास पतिराजी को दिया था जिसको सास पतिराजे ने पुनः मुंशी को भट्ठे पर आकर ₹3000 वापस कर दिया । मुंशी घनश्याम और सास पतिराजी ने बताया कि हमसे महिला अस्पताल में कोई पैसा नहीं मांगा गया हम केवल छुट्टी के लिए कह रहे थे ,लेकिन उन्होंने बताया कि जब हमारी बहू पूर्ण रूप से 48 घंटे के अंदर स्वस्थ हो जाएगी तभी छुट्टी मिलेगी ।इसी बात को लेकर कुछ अस्पताल कर्मी बाहर के लोगों से मिलकर झूठा आरोप घूस लेने का गढ़ दिये जो कि बिल्कुल गलत और निराधार है। प्रसव पीड़िता की सास और मुंशी घनश्याम ने अस्पताल अधीक्षक के सामने भी यह स्वीकार किया कि हमसे कोई घूस का पैसा नहीं मांगा गया और ना ही हमने किसी को पैसा दिया है।

ब्यूरो रिपोर्ट -बांकेलाल निषाद

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