महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्री महाकालेश्वर मंदिर रसौरा में प्राण प्रतिष्ठा की गई

पुनीत यादव

सीतापुर के ग्राम पंचायत रसौरा में पंडित वीरेंद्र त्रिपाठी उज्जैन महाकालेश्वर से आए महाकाल की स्थापना बड़े ही धूमधाम से रसड़ा के 150 वर्ष से भी ज्यादा पुराने भगवान शिव के स्थान पर पुणे ओम कार शिवा महाकालेश्वर के रूप में की महाकालेश्वर मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं भंडारे का कार्यक्रम किया गया आपको बताते चलें कि प्राचीन मंदिर राजा महाराजाओं के समय में शिव पार्वती भोलेनाथ का महाकालेश्वर मंदिर रसौरा में था जोकि जंगलों में विद्यमान है और इस भोलेनाथ के अस्थान पर विचित्र बात यह है कि भोलेनाथ को अर्पित करने वाली बेलपत्र का पंचमुखी वृक्ष उपलब्ध है जिसकी पतियों की संख्या एक में 12 है बेलपत्र के वृक्ष को देख कर यह अनुभव होता है कि पंचमुखी वृक्ष बेल का शेषनाग का रूप लिए खड़ा है मंदिर पुजारी के अनुसार मंदिर महाकालेश्वर में रहता था वहां पर शिव भगवान सपने में आकर दर्शन दिया और सपने में आकर दर्शन दिया और सपने में आकर दर्शन दिया और पूरी जानकारी दी रसौरा शिवालय के बारे में गांव के बड़े बुजुर्गों से पता करने पर मिली जानकारी की यह प्राचीन स्थान लगभग 150 वर्ष पूर्व का है

Back to top button