ग्राम प्रधान से 50 पर्सेंट कमीशन को लेकर दूसरे गांव के सेक्रेटरी से हुई गालीगलौज

बांकेलाल निषाद

भाजपा कार्यकर्ता है ग्राम प्रधान सेक्रेटरी के खिलाफ अभी तक नहीं हुआ एफआइआर दर्ज भाजपा जिलाध्यक्ष से लगाई न्याय की गुहार

जनपद अंबेडकरनगर -केजलालपुर ब्लाक अंतर्गत ग्राम सभा अशरफपुर भुआ के ग्राम प्रधान एवं भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र देव ने अपने सेक्रेटरी कामता यादव से गांव के विकास के लिए खींचातानी चल रही थी। कमीशन को लेकर दूसरे ग्राम सभा के सेक्रेटरी ओंकार नाथ यादव ने ग्राम प्रधान नरेंद्र देव को जलालपुर ब्लॉक में फोन करके बुलाया। ग्राम प्रधान के अनुसार जैसे ही ग्राम प्रधान ब्लॉक में पहुंचे सेक्रेटरी ओंकार नाथ यादव ने कहा कि तुम ऐसे ही प्रधानी करोगे। ग्राम प्रधान ने कहा क्या बात है? सेक्रेटरी ने बताया कि 50 परसेंट कमीशन देकर अपने सेक्रेटरी कामता यादव के साथ ग्राम सभा में काम करो जिसके लिए ग्राम प्रधान तैयार नहीं हुआ। इतने पर सेक्रेटरी ओंकार नाथ यादव ग्राम प्रधान पर बिफर गए और उसे जातिसूचक शब्दों के साथ गाली देने लगे और कहे कि तुम्हारे बस की प्रधानी नहीं तुम जाओ भाजपा कार्यालय का चक्कर लगाते रहो। तुम्हारा काम नहीं हो पाएगा जब तक कमीशन नहीं दोगे तब तक ऐसे भाजपा नेताओं का चक्कर लगाते रहोगे ।ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के बीच तीखी नोकझोंक के बाद बीच बचाव में आए पूर्व ब्लाक प्रमुख राजेंद्र प्रसाद मामले को शांत करने का प्रयास किए लेकिन मामला शांत नहीं हुआ। एडीओ पंचायत रमाशंकर मिश्रा को ग्राम प्रधान ने जब अवगत कराया पूरे मामले से तो उन्होंने बीच बचाव करने की कोशिश की लेकिन मामला थमा नहीं ।ग्राम प्रधान एफआइआर के लिए सेक्रेटरी के खिलाफ कोतवाली जलालपुर में प्रार्थना पत्र दिया जिसकी आफआईआर अभी तक नहीं हो पायी है।भाजपा नेता सुमित सिंह अपने कई कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा कार्यालय जनपद मुख्यालय पर प्रधान को लेकर जिला अध्यक्ष के पास पहुंचे जिलाध्यक्ष ने फोन कर थानाध्यक्ष प्रदुम्न कुमार सिंह को एफआइआर दर्ज करने के लिए कहा। जिलाध्यक्ष कपिल वर्मा ने अपने ग्राम प्रधान एवं कार्यकर्ता को आश्वस्त करते हुए कहा कि तुम हमारे कार्यकर्ताओं हो तुम्हारे साथ न्याय ही होगा और हम एफआईआर दर्ज कराकर सेक्रेटरी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अवश्य कराएंगे। भाजपा नेता सुमित सिंह ने बताया कि हम अपने कार्यकर्ता एवं ग्राम प्रधान की बेज्जती बर्दाश्त नहीं करेंगे सड़क पर उतर जाएंगे। गौरतलब है कि ग्राम प्रधान ग्राम सभा का निर्वाचित प्रतिनिधि होता है केंद्र और राज्य सरकार लोकतंत्र की रीढ़ ग्राम सभा के विकास के लिए अकूत धन व्यय करती हैं लेकिन यदि ग्राम प्रधान सेक्रेटरी को 50 पर्सेंट कमीशन दे देगा तो ग्रामसभा का विकास कैसे संभव होगा ?और सरकार की मंशा के अनुरूप जनता के पैसे का सदुपयोग कैसे हो पायेगा?।

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